भोपाल, 27 सितंबर. राज्य शासन ने 23 हजार से अधिक पंचायत सचिवों का जिला कैडर बनाने के बाद उनके लिए पहली बार बनाई गई स्थानान्तरण नीति आज घोषित कर दी. पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री गोपाल भार्गव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पंचायत राज की स्थापना के बाद प्रदेश में पहली बार पंचायत सचिवों के लिए स्थानान्तरण नीति बनाई गई है इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्य त्वरित गति से हो सकेंगे और प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ बनेगी.

23 हजार पंचायत सचिव लाभान्वित होंगे

पंचायत सचिवों की स्थानान्तरण नीति में तीन प्रमुख बिन्दु बनाये गये है जिनके आधार पर पंचायत सचिवों का स्थानान्तरण किया जायेगा. प्रशासनिक आवश्यकता होने स्वयं की इच्छा होने अथवा शिकायत के आधार पर पंचायत सचिवों का एक पंचायत से दूसरी पंचायत में स्थानान्तरण हो सकेगा. स्थानान्तरण आपसी सहमति पर भी किया जा सकेगा. स्थानान्तरण के लिए जिला एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी होंगे. संबंधित ग्राम पंचायत और ग्राम सभाओं की आपसी सहमति से पारित संकल्प के आधार पर भी पंचायत सचिवों के स्थानान्तरण रिक्त पद पर आपसी सहमति पर हो सकेंगे.

स्थानान्तरण नीति ये है :

पंचायत सचिवों का स्थानान्तरण जनपद पंचायत के अन्दर या एक जनपद से दूसरी जनपद स्थित ग्राम पंचायतों में स्थानान्तरण दोनों जनपदों के सामान्य प्रशासन समिति के प्रस्ताव अनुसार रिक्त पद के विरूद्ध हो सकेगा. संबंधित ग्राम पंचायतों एवं उनकी ग्राम सभाओं द्वारा आपसी सहमति से पर्याप्त कोरम वाली बैठक में पारित संकल्प के आधार पर स्थानान्तरण हो सकेगा.

शिकायत के आधार पर स्थानान्तरण के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत की अनुशंसा पर उचित जाँच के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा जिले की सामान्य प्रशासन समिति द्वारा पारित प्रस्ताव अनुसार पद रिक्त होने पर स्थानान्तरण किया जा सकेगा. नि:शक्त पंचायत सचिव जिनकी नि:शक्तता 40 प्रतिशत या उससे अधिक है उनके स्थानान्तरण सामान्यत: नहीं किये जायेगें. स्वयं की इच्छा पर स्थानान्तरण का आवेदन देने पर ग्राम पंचायतों की आपसी सहमति के आधार पर रिक्त स्थान पर स्थानान्तरण किये जा सकेंगे.

गंभीर बीमारी होने पर चिकित्सक के प्रमाण.पत्र के आधार पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने वाली ग्राम पंचायत में पद रिक्त होने की दशा में जिला पंचायत की सामान्य प्रशासन समिति द्वारा पारित प्रस्ताव के आधार पर स्थानान्तरण हो सकेगा. अनुसूचित क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में पदस्थ ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानान्तरण पर विचार उनकी पदस्थापना के तीन वर्ष पूर्ण होने पर ही किया जायेगा.

अनुसूचित क्षेत्र की ग्राम पंचायत से गैर.अनुसूचित क्षेत्र की ग्राम पंचायत में होने वाले स्थानान्तरण में पंचायत सचिव को तब तक भारमुक्त नहीं किया जा सकेगाए जब तक की उसके स्थान पर दूसरा ग्राम पंचायत सचिव पदभार ग्रहण नहीं कर लेता किन्तु अनुसूचित क्षेत्र से अनुसूचित क्षेत्र की ग्राम पंचायत में स्थानातरित ग्राम पंचायत सचिव के लिए यह प्रावधान लागू नहीं होंगे.नक्सल प्रभावित ग्राम पंचायत में ग्राम पंचायत सचिव के पद स्थानान्तरण के कारण रिक्त नहीं रखे जायेंगे.

ग्राम पंचायत सचिव की सेवानिवृत्त में एक वर्ष या उससे कम समय शेष हो उनके स्थानान्तरण सामान्यत: नहीं होगें. शिकायत के आधार पर अगर स्थानान्तरण किया जाना आवश्यक हो तो ऐसी स्थिति में अन्य ग्राम पंचायत में पद रिक्त होने पर स्थानान्तरण किया जा सकेगा. किसी ग्राम पंचायत सचिव का पुत्र पुत्री पत्नी अथवा पति मानसिक नि:शक्तता अथवा बहुआयामी नि:शक्तता से पीडि़त है तो उनका स्थानान्तरण स्वयं के व्यय से स्वेच्छा के आधार पर ऐसी जगह पर किया जा सकेगा जहाँ उपचार एवं शिक्षा सुविधा सुलभ हो. इसके लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किये जाने होंगे. पंचायत सचिवों के स्थानान्तरण वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद मई.जून माह में ही होंगे और जिले की कुल ग्राम पंचायत सचिवों की संख्या के मान के आधार पर 10 प्रतिशत से अधिक स्थानान्तरण नहीं किये जा सकेगे. आवश्यकता होने पर 15 प्रतिशत तक स्थानातरण हो सकेंगेए लेकिन इसके लिए कलेक्टर का अनुमोदन जरूरी होगा.

ग्राम पंचायत सचिव का ऐसी किसी ग्राम पंचायत में स्थानान्तरण नहीं होगा. जहाँ किसी पद पर उनके रिश्तेदार पदस्थ हों. एक जिले से दूसरे जिले की ग्राम पंचायत में स्थानान्तरण के लिए दोनों जिलों की जिला पंचायत की सामान्य प्रशासन समिति का अनुमोदन जरूरी होगा किन्तु स्थानान्तरित ग्राम पंचायत सचिव की वरिष्ठता संबंधित जिले में पदस्थ ग्राम पंचायत सचिव के बाद निर्धारित होगी.

स्थानान्तरित ग्राम पंचायत सचिव का अवकाश नई पदस्थापना वाली ग्राम पंचायत में कार्य पर उपस्थित होने के बाद ही स्वीकृत होगा. विशिष्ट परिस्थितियों में राज्य शासन द्वारा स्थानान्तरण जिले के अन्दर किया जा सकेगा. स्थानान्तरित ग्राम पंचायत सचिव के लिए कार्यभार ग्रहण करने की अवधि वही होगी जो शासकीय कर्मचारियों के लिए लागू है.

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