परिवहन विभाग के क्लर्क  धुलधोए के यहां लोकायुक्त व आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो का छापा

शिकायत पर हुई कार्र्रवाई, आज खुलेंगे बैंक के खाते, और संपत्ति मिलने की संभावना

इंदौर, 18 दिसंबर. इंदौर में एक और करोड़पति क्लर्क का खुलासा हुआ है. इंदौर में आरटीओ में काम करने वाले एक क्लर्क के घर पर ईओडब्ल्यू ने छापा मारा. शुरुआती जांच में क्लर्क के यहां से करोडों रुपए की संपत्ति का पता चला है.

ईओडब्ल्यू ने यहां परिवहन विभाग के एक क्लर्क के ठिकानों पर रविवार को छापे मारकर बड़े पैमाने पर आय से अधिक संपत्ति का खुलासा किया. अब तक मिल रही जानकारी के मुताबिक 16 हजार मासिक वेतन पाने वाले इस क्लर्क के पास 20 करोड़ रुपए की बेहिसाब संपत्ति बरामद की गई है. सोमवार को बैंक के खाते खोले जाएंगे तब जाकर संपत्ति का सही आकलन किया जा सकेगा. फिलहाल धुलधोये के ठिकानों पर छापे जारी हैं. उसकी चल-अचल संपत्ति का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है.  ईओडब्ल्यू के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में क्लर्क के रूप में पदस्थ रमण धुलधोये के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार से बेहिसाब दौलत बनाने की शिकायत मिली थी. इस शिकायत के बाद उसके तीन स्थानीय ठिकानों पर छापे मारे गये. उन्होंने बताया कि छापों के दौरान क्लर्क की बेहिसाब संपत्ति का बड़े पैमाने पर पता चला है.

होटल से लेकर फार्म हाउस तक
शहर के बीचोबीच इस क्लर्क का एक चार मंजिला होटल है जिसकी कीमत एक करोड़ रुपए से ज्यादा है. इंदौर के मोरोद गांव में उसके पास 49 एकड़ जमीन का आलीशान फार्म हाउस है. इस इलाके में जमीन की कीमत एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ से ज्यादा है. इसके अलावा इंदौर में अलग-अलग जगहों पर 7 प्लॉट, आठ गाडिय़ां, जिनमें 4 लक्जरी कारें और चार दो पहिया वाहन शामिल हैं. अपने होटल और फॉर्म हाउस में उसने 20 कर्मचारियों को रखा है जिन्हें वो डेढ़ लाख से ज्यादा की तनख्वाह देता है. आरटीओ के काम के लिए उसने दो कर्मचारी रखे हुए थे. ईओडब्ल्यू को धूलधोये के पास कई बैंक खाते और बैंक लॉकर का पता चला है.

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