बेंगलुरु, 8 फरवरी. कर्नाटक विधानसभा में पॉर्न देखने के मामले में 3 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है. सहकारिता मंत्री लक्ष्मण सावदी, महिला व बाल कल्याण मंत्री सीसी पाटिल और बंदरगाह मंत्री कृष्णा पालेमार ने इस्तीफा दे दिया है, जिसे तुरंत मंजूर भी कर लिया गया. मगर, इस पर बवाल थम नहीं रहा है.

बुधवार को विधानसभा में विपक्ष ने काफी हंगामा किया. कांग्रेस और जेडीएस ने मंत्रियों के निष्कासन की मांग की. बीजेपी से माफी मांगने को कहा जा रहा है, लेकिन पार्टी माफी मांगने को तैयार नहीं है. विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने तीनों को कर्नाटक विधानसभा से निष्कासित किए जाने के लिए दबाव बढ़ा दिया है. कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष जी. परमेश्वरा ने संवाददाताओं से कहा, मंत्री पद से इस्तीफा ही पर्याप्त नहीं है. उन्हें विधानसभा से निष्कासित किया जाना चाहिए.

विधानसभा में हंगामा

विधानसभा जैसे ही शुरू हुई कांग्रेस नेता सिद्दारमैया ने एक प्रस्ताव पेश किया जिसमें लक्ष्मण सावदी, सीसी पाटिल और कृष्णा पालेमर को तत्काल निलंबित और अयोग्य घोषित किए जाने की मांग की गई. कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री एस सुरेश कुमार ने इसका तकनीकी आधार पर विरोध किया. सिद्दारमैया ने जैसे ही यह बयान दिया कि मंत्री ब्लू फिल्म देख रहे हैं, बीजेपी की राज्य इकाई के प्रमुख केएस ईश्वरप्पा ने कहा कि यह केवल जांच के बाद ही पता लगेगा और सिद्धारमैया जो चाहें, वैसा नहीं बोल सकते. ईश्वरप्पा का उनके पार्टी सहकर्मियों ने समर्थन किया, जबकि विपक्षी विधायक अपनी बात पर अड़ गए जिससे सदन में शोरशराबा हो गया.

मंत्रियों के बयान अलग-अलग

एक अन्य घटनाक्रम में पालेमर ने सावदी को अश्लील विडियो क्लिप उपलब्ध कराने की बात से इनकार कर दिया. उन्होंने संवाददातओं से कहा मुझे इस तरह की चीजें देखने की आदत नहीं है. इसमें जांच होने दीजिए. मैंने खुद ही इस्तीफा देने का फैसला किया. पार्टी की ओर से कोई दबाव नहीं था. सावदी ने कल कहा था कि विधानसभा में उन्होंने जो विडियो क्लिपिंग देखी, वह उन्हें पालेमर ने भेजी थी.

बीजेपी माफी मांगने को तैयार नहीं : गौड़ा

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने साफ तौर पर कहा कि हम क्यों माफी मांगें? जिन मंत्रियों पर आरोप लगे हैं उनका इस्तीफा ले लिया गया है. अब पूरे मामले की जांच होगी और जांच की रिपोर्ट के बाद उपयुक्त कार्रवाई भी की जाएगी. ऐसे में माफी का सवाल कहां उठता है?

दुर्भाग्यपूर्ण घटना : भाजपा

मंत्रियों की इस करतूत के बाद हालांकि बीजेपी बचाव की मुद्रा में है, लेकिन फिर भी इस घटना के लिए पार्टी माफी मांगने को तैयार नहीं है. पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. उन्होंने कहा कि यह समाज के हर क्षेत्र में आई गिरावट का संकेत है. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व ऐसी बातों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा. इसीलिए तीनों मंत्री शुरू में खुद को निर्दोष बता रहे थे, मगर हमने कहा, तुरंत इस्तीफा दीजिए. फिर पूरे मामले की जांच होगी. साफ है कि गडकरी जो कुछ हुआ उसमें पार्टी की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं कर रहे और न ही उसके लिए माफी मांगने की जरूरत महसूस कर रहे हैं.

कथनी करनी में अंतर : कांग्रेस

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए कहा, कर्नाटक बीजेपी में भ्रष्टाचार से लेकर पॉरनॉग्रफ़ी तक सबकुछ है. यह बीजेपी की कथनी और करनी में अंतर बताता है. कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा ऐसा लग रहा है जैसे आजकल बीजेपी के कुछ लोग हर तरह का मनोरंजन कर रहे हैं. कई बार राजनीतिक मनोरंजन, कई बार यह किसी और तरह का मनोरंजन होता है. पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को जल्द से जल्द जांच करनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके.

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