मांगे नहीं मानी तो 15 को एक दिवसीय हड़ताल

भोपाल, 8 दिसंबर. केन्द्र सरकार की बीएसएनएल विरोधी नीतियों तथा बीएसएनएल प्रबंधन द्वारा लगातार की जा रही मनमानी के विरोधस्वरूप आज एक विशाल चेतावनी रैली निकाली गई.

इस रैली में बीएसएनएल के अधिकांश अधिकारी तथा कर्मचारी सम्मिलित हुए. इस रैली के अवसर पर एस. दत्ता मजूमदार परवेज खान ने और बी.के. परसाई ने बताया कि आज केन्द्र सरकार की नीतियों के कारण और बीएसएनएल प्रबंधन के हठधर्मिता और मनमानी के कारण बीएसएनएल का बाजार में रहकर प्रतियोगिता कर पाने में अत्यंत कठिनाई हो रही है. बीएसएनएल में अत्यंत दक्ष, कुशल और अनुभवी इंजीनियर और कर्मचारी होने के बाद भी ऐसी नीतियां बनाई जा रही है कि हम बाजार में हमारे प्रतियोगियों के सामने हमारी कुशलता और हमारे गौरवशाली इतिहास के अनुरूप  प्रदर्शन नहीं कर पा रहे है तथा आज यह चेतावनी रैली सिर्फ इसलिए आयोजित की गई है कि केन्द्र सरकार और बीएसएनएल प्रबंधन ज्वाईट एक्शन कमेटी की मांगों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत निर्णय ले अन्यथा 15 दिसंबर को राष्ट्रीय स्तर एक दिवसीय हड़ताल आयोजित की जाएगी. ज्वाइंट एक्शन कमेटी द्वारा निम्रानुसार मांगे की जा रही है.

बीएसएनएल ने व्हीआरएस नहीं लाया जाए. बीएसएनएल में समाहित नहीं हुए आईटीएस अधिकारियों को तत्काल केन्द्र सरकार को वापस सौंपा जाए तथा उनका कार्यभार बीएसएनएल में समाहित हो चुके अधिकारियों को दिया जाए. बोनस का तुरंत भुगतान एलटीसी, अवकाश का नगदीकरण और चिकित्सीय भत्ते का भुगतान पुन: आरंभ किया जाए. 78.2 प्रतिशत आईडीए पर वेतन निर्धारण किया जाए. बीएसएनएल की प्राण वायु जैसे जीएसएम, ब्राडबैण्ड माडम, केबिल, ट्रांस एसएमएस जैसे उपकरण तत्काल खरीदें जाए तथा बीएसएनएल के हितकारी प्रोजेक्ट जैसे ईआरपी, एनजीएन और ट्रांस एनएमएस तत्काल लागू किए जाए.

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