ट्रेन के नीचे आए बालक का इलाज कराने बेच दी सम्पत्ति

बैतूल, 20 दिसम्बरनससे. लगभग दो वर्ष पूर्व एक 10 वर्षीय बालक के ऊपर से ट्रेन गुजर जाने के बाद माता-पिता द्वारा अपनी सम्पत्ति बेचकर अपने बेटे का इलाज कराया गया लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही का खामियाजा इस मासूम को भुगतना पड़ रहा है.

पाथाखेड़ा के पटेल वार्ड में रहने वाले 10 वर्षीय गोलू की मां उर्मिला बाई ने बताया कि 22 जुलाई 2009 को उनका पुत्र खेलते हुए ट्रेन की पटरी पर चला गया था और अचानक ट्रेन आ गई लेकिन वह पटरियों के बीच फंस गया लेकिन किसी तरह वह जीवित बच गया और उसे तत्काल इलाज के लिए नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिवार द्वारा अपने बच्चे का इलाज करवाने का खर्च वहन करना काफी मुश्किल था और अपने बच्चे की जान बचाने के लिए अपनी सारी सम्पत्ति को बेचकर इलाज कराया लेकिन बच्च मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गया. इस संबंध में डॉक्टरों का कहना था कि आपरेशन करने के दौरान बच्चे के सिर की कोई नस बद गई है जिसका दोबारा आपरेशन करना पड़ेगा और उसके लिए भी लगभग एक लाख रूपए का खर्च होना बताया गया. बच्चे के इलाज के लिए माता-पिता ने इसके पूर्व भी तत्कालीन कलेक्टर से दो बार मदद की गुहार लगाई थी लेकिन उसके बावजूद भी इस बच्चे के इलाज की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया. हाल ही सारनी प्रवास पर आए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मिलकर बच्चे के इलाज के लिए मदद मांगी गई थी लेकिन यहां भी गरीब माता-पिता को निराशा ही हाथ लगी. अपने बच्चे की जान बचाने के लिए मजबूर माता-पिता द्वारा जनसुनवाई के माध्यम से से मदद मांगने की गुहार लगाई गई थी.

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