नयी दिल्ली, 19 दिसंबर, नससे.  रूस में भगदवद् गीता को उग्रवादी साहित्य बता कर अदालत द्वारा प्रतिबंधित कराने की मुहिम पर लोकसभा में सभी दलों के सदस्यों ने भारी आक्रोश जताते हुए इस संबंध में सरकार से हस्तक्षेप की मांग की.

बीजद के भृतुहरि महताब द्वारा शून्य काल में यह मुद्दा उठाए जाने पर भाजपा के मुरली मनोहर जोशी, राजद के लालू प्रसाद यादव, सपा के मुलायम सिंह यादव, काग्रेस के इजया राज सिंह और शिवसेना के चंद्रकांत खैरे सहित लगभग सभी दलों के सदस्यों ने रूस में चलाई जा रही इस मुहिम पर सख्त आपत्ति जताई. सदस्यों द्वारा रोष प्रकट किए जाने के दौरान लालू प्रसाद बीच-बीच में बोलो कृष्ण भगवान की जय का उद्घोष करते रहे और सदस्यों ने भी इस उद्घोष में एक स्वर से उनका साथ दिया. लालू ने गीता के विरूद्ध रूस में चलाई जा रही मुहिम को दुष्टता भरी साजिश करार दिया और सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की. महताब ने कहा कि रूस के साइबेरिया में तोम्स्क की अदालत में इस्कान के संस्थापक ए सी भक्तिवेदात स्वामी प्रभुपाद द्वारा लिखित भगवद् गीता यथारूप के रूसी अनुवाद पर प्रतिबंध लगाने के लिए जून से ही मामला चल रहा है .

और इस मामले में अदालत द्वारा सोमवार को फैसला दिया जाना है. उन्होंने कहा कि वहा इस आरोप के साथ गीता पर प्रतिबंध लगाने की बात कही जा रही है कि यह उग्रवादी साहित्य है. महताब ने कहा कि इस बारे में रूस के एक विश्वविद्यालय तोम्स्क स्टेट यूनिवर्सिटी के एक विशेषज्ञ की राय मांगी गई है जबकि इस विश्वविद्यालय में भारत संबंधी विषय पढ़ाए ही नहीं जाते हैं. महताब ने कहा कि गीता पर प्रतिबंध लगाने के लिए अदालत में यह तर्क दिया गया है कि इसका कथ्य सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाला है. उन्होंने सरकार से माग की कि वह तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करे. उन्होंने मास्को स्थित भारतीय दूतावास को भी इस मामले में हस्तक्षेप करने का निर्देश दिए जाने की माग की। भाजपा के मुरली मनोहर जोशी ने इसे एक गंभीर मामला बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को अपने स्तर पर रूस के शासकों के साथ यह मामला उठाना चाहिए. अन्य दलों के सदस्य भी इस मामले पर काफी आक्रोशित नजर आए. सभी ने सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की माग की. सदन में व्यवस्था बनते नहीं देख, अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्यवाही को लगभग सवा 12 बजे दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया. दोपहर दो बजे सदन की बैठक फिर से शुरू होने पर सपा सदस्य आसन के सामने आकर गीता पर प्रतिबंध के मुद्दे पर नारेबाजी करने लगे. उनका कहना था कि इस मुद्दे पर पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव को सदन में अपनी बात रखने का मौका दिया जाए. भाजपा सदस्य भी अपने स्थान पर खड़े होकर गीता का अपमान नहीं होने देंगे के नारे लगा रहे थे. इस बीच, उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने हंगामे के बीच ही बिना चर्चा के चार विधेयकों को पारित करा दिया. इनमें चार्टर्ड एकाउंटेंट संशोधन विधेयक, लागत और संकर्म लेखापाल संशोधन विधेयक, कंपनी सचिव संशोधन विधेयक और संविधान [अनुसूचित जनजातिया] आदेश संशोधन विधेयक शामिल हैं. इसके बाद हंगामा थमता नहीं देख, उपाध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

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