खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 9.13 फीसदी हुई

नई दिल्ली, 29 सितंबर. खाद्य मुद्रास्फीति 17 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान बढ़कर 9.13 फीसदी पर पहुंच गई। इससे पिछले सप्ताह 8.84 फीसदी पर थी। आलू, दाल और पोल्ट्री उत्पादों की कीमत के दबाव के कारण खाद्य मुद्रास्फीति में तेजी आई है।

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने खाद्य वस्तुओं के दामों में तेजी को गंभीर चिंता का विषय बताया। सरकार द्वारा जारी थोकमूल्य सूचकाक आकड़े के मुताबिक समीक्षाधीन सप्ताह में प्याज की कीमत में पिछले साल इसी समय की तुलना में कमी हुई है, लेकिन चना, मसूर, अरहर, उड़द और पोल्ट्री उत्पादों की कीमतें पिछले साल से ऊंची हुई हैं। आलू सालाना स्तर पर करीब 15 फीसद महंगा हुआ है।
हालांकि इसी दौरान फल एवं सब्जियों की औसत कीमत पिछले साल के मुकाबले कम रही। सितंबर 10 को समाप्त सप्ताह के दौरान खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 8. 84 पर पहुंची थी, जो इससे पिछले सप्ताह 9.47 फीसदी पर थी। मुखर्जी ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि ये उतार-चढ़ाव हो रहे हैं और यह गंभीर चिंता का विषय है।

यह [खाद्य मुद्रास्फीति] दहाई अंक के करीब है जो गंभीर स्थिति है।
थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित आकड़े के मुताबिक अनाज, दूध, अंडे, मीट और मछली समूह की मंहगाई दर आलोच्य सप्ताह में 13.17 फीसदद्ध रही। कुल मिलाकर प्राथमिक उत्पादों की मुद्रास्फीति 17 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 11.43 फीसदी पर पहुंच गई, जो इसके पिछले सप्ताह 12.17 फीसदी पर थी। गैर खाद्य उत्पादों जिनमें फाईबर, तिलहन और खनिज शामिल हैं, की मुद्रास्फीति 17 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान घटकर 12.89 फीसदी रही, जो इसके पिछले सप्ताह 17.42 फीसद थी। इस बीच समीक्षाधीन अवधि में ईंधन और बिजली वर्ग की मुद्रास्फीति बढ़कर 14.69 फीसदी हो गई, जो पिछले सप्ताह 13.96 फीसरी थी।

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