नई दिल्ली,9 दिसबंर. ‘नजफगढ़ के नवाब’  के नाम से मशहूर भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सेहवाग का 9 के साथ अजीबोगरीब नाता है. उनसे जुड़े सभी प्रमुख आंकड़ों 9 मौजूद है. अंक ज्योतिष में विश्वास नहीं करने वाले भले ही इसका अलग-अलग गणितीय आकलन करें लेकिन आंकड़े तो कम से कम यही बयां करते हैं कि करियर की शुरुआत से अब तक 9 हर मुकाम पर सेहवाग के साथ है.

शुरुआत इंदौर में खेली गई सेहवाग की विश्व रिकॉर्डधारी ऐतिहासिक पारी से करते हैं. सेहवाग ने गुरुवार को होल्कर स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए एकदिवसीय मैच में 219 रन बनाकर इतिहास रच डाला. अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 149 गेंदों का सामना किया. मैच के दिन सेहवाग 33 साल और 49 दिन के थे. इसमें एक रोचक तथ्य डालना जरूरी हो गया है. इंदौर में सेहवाग की इस ऐतिहासिक पारी के पूरा होने के बाद शुक्रवार सुबह तक सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर 19 हजार से अधिक लोग सेहवाग के प्रोफाइल को पसंद कर चुके थे. सेहवाग ने अपना पहला एकदिवसीय मैच 1999 में मोहाली में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था. वह अब तक 240 मैचों की 234 पारियों में 9 बार नाबाद रहते हुए 8025 रन बना चुके हैं. उनका सर्वोच्च योग 219 है और वह एकदिवसीय मैचों में अब तक कुल 1099 चौके लगा चुके हैं. बतौर गेंदबाज सेहवाग ने एकदिवसीय मैचों में 92 विकेट ले चुके हैं. उनका औसत 40.39 रहा है जबकि उनका स्ट्राइक रेट 45.9 रहा है. सेहवाग ने 16, जून 2010 को बांगलादेश के खिलाफ दाम्बुला में अपने करियर की सबसे अच्छी गेदबाजी करते हुए छह रन देकर चार विकेट लिए थे. वह एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास का 2993 वां मैच था.  सेहवाग ने अपने करियर का पहला शतक न्यूजीलैंड के खिलाफ 69 गेंदों पर जड़ा था. वर्ष 2009 में उन्होंने 60 गेदों पर शतक जड़ा था.

यह किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा एकदिवसीय मैच में सबसे तेजी से बनाया गया शतक है. वर्ष 2009 में ही सेहवाग को विजडन लीडिंग क्रिकेटर इन वर्ल्ड का ताज मिला. यह सम्मान पाने वाले सेहवाग भारत के एक मात्र खिलाड़ी हैं. सेहवाग ने टेस्ट मैचों में दो बार तिहरा शतक लगाया है. इनमें से एक 319 रनों की पारी थी तो दूसरी 309 रनों की. टेस्ट मैचों में उनका तीसरा सर्वोच्च स्कोर 293 रनों का है. सेहवाग ने अपने करियर के पहले टेस्ट में शतक (105) लगाया था, जिसमें उनके बल्ले से 19 चौके निकले थे. इस टेस्ट की दूसरी पारी में सेहवाग ने 31 रन बनाए थे और इसके लिए वह 49 मिनट विकेट पर रहे थे. सेहवाग ने अब तक 92 टेस्ट मैच खेले हैं और उन्होंने 159 पारियों में 7,980 रन बनाते हुए 39 विकेट भी हासिल किए हैं. इतने रन बनाने के लिए सेहवाग ने 9177 गेंदों का सामना किया है. टेस्ट मैच में सेहवाग क्रमश: 99, 96, 92, 90, 90 के पांच मौकों पर 90 और 100 रन के बीच आउट हुए हैं. वर्ष 2010 में सेहवाग नागपुर, गॉल और कोलम्बो में 109, 109, और 109 रनों के व्यक्तिगत योग पर आउट हुए थे. नागपुर में सेहवाग ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 139 गेंदों का सामना किया था. लिस्ट-ए वर्ग के मैचों की बात करें तो सेहवाग ने अब तक कुल 310 मैचों की 299 पारियों में 9978 रन अपने नाम किए हैं. उनका सर्वोच्च योग 219 रन रहा है. ट्वेंटी-20 मैचों में सेहवाग ने 80 मैचों की 79 पारियों में अब तक कुल 2099 रन बनाए हैं. उनका सर्वोच्च योग 119 रन रहा है और उन्होंने 159.00 स्ट्राइक रेट के साथ रन बटोरे हैं. उनके नाम 19 कैच भी दर्ज हैं. दक्षिण अफ्रीका में खेले गए अंडर-19 टूर्नामेंट ने सेहवाग को पहली बार देश में एक पहचान दी. घरेलू क्रिकेट में सेहवाग नॉर्थ जोन व दिल्ली के लिए खेलते हैं. सबसे मजेदार बात यह है कि वर्ष 1990 में क्रिकेट खेलने के दौरान सेहवाग का दांत टूट गया था और इससे उनके पिता इतने घबरा गए थे कि उन्होंने सेहवाग को क्रिकेट खेलने से मना कर दिया. शुक्र हो, सेहवाग की मां का जिन्होंने सेहवाग का खेलना जारी रखा.

गुरु का रिकार्ड तोड़ गौरवान्वित हुए वीरू

इंदौर, 9 दिसबंर. वनडे क्रिकेट इतिहास में सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरा दोहरा शतक जड़ते हुए 219 रनों की बेहतरीन पारी खेलने वाले विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अपने रोल माडल और गुरु तेंदुलकर का यह रिकार्ड तोड़कर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.

सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में यह कारनामा कर दिखाया. इस विस्फोटक पारी के दौरान उन्होंने 149 गेंद का सामना किया तथा 25 चौके और सात छक्के लगाए. इस दौरान उन्होंने तेंदुलकर का वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक व्यक्तिगत पारी का नाबाद 200 रन का रिकार्ड भी तोड़ा. सहवाग ने मैच के बाद कहा, मैं अपने रोल माडल तेंदुलकर का रिकार्ड तोड़कर खुश हूं. बल्लेबाजों के लिए दोहरा शतक बनाना आसान नहीं होता. पिछले कई सालों में दो ही बल्लेबाज ऐसा कर सके हैं. ऐसा मौका जीवन में एक बार ही आता है. मैं खुश हूं कि मैंने इस मौके का फायदा उठाया. उन्होंने कहा, मैंने किसी भी समय नहीं सोचा था कि मैं दोहरा शतक बनाने में सफल रहूंगा. पारी की शुरुआत करते हुए मैंने गौतम गंभीर से कहा कि अगर हम थोड़ा संयम बनाए रखते हैं तो हम इस विकेट पर बड़ा स्कोर खड़ा कर सकते हैं. आउटफील्ड बेहतरीन थी और बाउंड्री की दूरी केवल 50 गज थी.

उन्होंने कहा, केवल बल्लेबाजी पावरप्ले शुरू होने के बाद ही मैंने सोचा कि मैं दोहरे शतक तक पहुंच सकता हूं. इसके अलावा जब सैमी ने मेरा कैच (170 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर) छोड़ा तो मैं समझ गया कि भगवान मेरे साथ हैं. नजफगढ़ के नवाब के नाम से मशहूर सहवाग ने अपने परिजनों और हजारों प्रशंसकों का भी आभार व्यक्त किया जिन्हें हमेशा उम्मीद थी कि वह वनडे में दोहरा शतक बनाएंगे. उन्होंने अपनी यह ऐतिहासिक पारी अपने दिवंगत पिता की स्मृति को समर्पित की. सहवाग ने कहा, मैं बेहद खुश हूं और यह पारी अपने पिता को समर्पित करता हूं, जो अब हमारे साथ इस दुनिया में नहीं हैं. मुझे अब तक 700 से 800 लोगों ने एसएमएस करके बधाई दी है. लेकिन मैं फिलहाल उनके संदेशों का जवाब नहीं दे पाया हूं. सहवाग ने बताया कि ऐतिहासिक पारी के बाद उन्होंने अपनी मां से फोन पर बात की, जो उनकी उपलब्धि से स्वाभाविक तौर पर बहुत खुश हैं. भारतीय कप्तान ने अपनी पारी के बारे में कहा, यह मेरी बेहतरीन पारियों में से एक थी. टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक बल्लेबाजी की जा सकती है. लेकिन इसके ठीक उलट वनडे क्रिकेट में आपको रनों की रफ्तार का भी ख्याल रखना होता है. सहवाग ने होल्कर स्टेडियम के विकेट की तारीफ की और कहा, विकेट अच्छा था, पर विपक्षी गेंदबाज मुझे लगातार आउट करने की स्वाभाविक कोशिश कर रहे थे. दो सौ रनों का आंकड़ा पार करना आसान नहीं था.

वीरू के दोहरे शतक से गदगद हुए तेंदुलकर

नई दिल्ली,9 दिसबंर. विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के रिकार्ड दोहरे शतक की जमकर तारीफ करते हुए मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा कि उन्हें खुशी है कि एक भारतीय ने उनके रिकार्ड को तोड़ा. सहवाग के वनडे में जड़े गए दोहरे शतक की सराहना पूरे क्रिकेट जगत ने की है.

सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर में चौथे वनडे मैच में 149 गेंद पर 219 रन बनाए. इस विस्फोटक पारी के दौरान उन्होंने तेंदुलकर के नाबाद 200 रन के रिकार्ड को तोड़ा. आस्ट्रेलियाई दौरे के लिए मेलबर्न पहुंचे तेंदुलकर ने एसएमएस के जरिए कहा, मैं वीरू के लिए बहुत खुश हूं और मुझे इसलिए भी खुशी है जिसने मेरा रिकार्ड तोड़ा वह मेरा साथी खिलाड़ी और भारतीय है. शाबास वीरू. भारत को इसी महीने के आखिर में आस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज खेलनी है. आस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर उनकी इस पारी से बेहद उत्साहित थे. उन्होंने ट्वीट किया, कल टेस्ट मैच (न्यूजीलैंड के खिलाफ) है लेकिन अब भी वीरेंद्र सहवाग की पारी देख रहा हूं. उम्मीद है कि 200 और उसने कर दिखाया. शाबास दोस्त. इंग्लैंड के समाचार पत्रों में भी सहवाग के रिकार्ड की चर्चा है. द डेली टेलीग्राफ ने लिखा है, जब सहवाग अपने रंग में होता है तो वह जिस तरह से आक्रमण को ध्वस्त करता है, वैसा कोई नहीं कर सकता. गार्डियन ने लिखा है, वीरेंद्र सहवाग की तकनीक क्रांतिकारी नहीं है, लेकिन वह रोमांच को पराकाष्ठा तक पहुंचा देते हैं. वह खेल को बेहद अलग नजरिए से देखते हैं. पूर्व पाकिस्तान कप्तान जहीर अब्बास ने कहा, मैंने हमेशा उसकी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाया क्योंकि उसका खेल के प्रति सकारात्मक रवैया है. वह हमेशा अधिकतर पारंपरिक तकनीक या विधियों को नहीं अपनाता लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि वह भारत के लिए बेहद प्रभावशाली रन संग्रहकर्ता है.

एक अन्य पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने कहा कि सहवाग का अपनी सर्वश्रेष्ठ फार्म में लौटना आस्ट्रेलिया के लिए बुरी खबर है जहां भारत को इस महीने के आखिर में टेस्ट सीरीज खेलनी है. लतीफ ने कहा, यह आस्ट्रेलिया के लिए वास्तव में बुरी खबर है क्योंकि सहवाग का आस्ट्रेलिया में शानदार रिकार्ड रहा है और वह इतनी अच्छी फार्म के साथ वहां जा रहा है. मुझे लगता है कि आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को काफी मुश्किल दौर से गुजरना होगा. उन्होंने कहा, मैंने ऐसा कोई बल्लेबाज नहीं देखा जिसका आंखों और पांवों के बीच इतना अच्छा तालमेल हो और आज उसने आसानी से स्ट्रोक खेले. पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज मोइन खान ने कहा कि उन्होंने सहवाग को 2004 में मुल्तान में तिहरा शतक जड़ते हुए देखा था लेकिन कल की पारी अधिक प्रभावशाली थी. उन्होंने कहा, वह शुरू से ही गेंद पर हावी हो गया और जब वह इस तरह की बल्लेबाजी करता है तो मुझे नहीं लगता कि कोई कुछ कर सकता है. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज राजा ने सहवाग के दोहरे शतक पर ट्वीट करते हुए लिखा, जब विव रिच?र्ड्स ने संन्यास लिया तो मुझे लगा कि यह इस खेल में मनोरंजन का अंत है. लेकिन तभी मनोरंजन का बादशाह सहवाग आ गया. आप की उम्र लंबी हो बादशाह.

सपाट था विकेट, लेकिन वीरू की पारी असाधारण

इंदौर,9 दिसबंर. वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान और टीम मैनेजर रिची रिचर्डसन का मानना है कि सपाट पिच के कारण वीरेंद्र सहवाग को रिकार्ड 219 रन की पारी खेलने में मदद मिली लेकिन इसके बावजूद उन्होंने भारतीय बल्लेबाज की इस पारी को असाधारण करार दिया है.

सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे वनडे मैच में यह रिकार्ड पारी खेली थी. इसके बाद रिचर्डसन ने कहा, सहवाग ने असाधारण पारी खेली. हालांकि, वह एक सपाट विकेट था. सहवाग ने इस विकेट पर बेहतरीन बल्लेबाजी की. मैंने सोचा कि हमारे एक या दो बल्लेबाज इस पर टिक सकेंगे और हम लक्ष्य तक पहुंच सकेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा, हमें पता था कि हमें बड़े स्कोर तक पहुंचना है. लेकिन हम इस बात से निराश हुए कि हमारे खिलाड़ी भारतीय बल्लेबाजों की तरह बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सके. उन्होंने कहा, हालांकि, हमारे कप्तान का रवैया बहुत सकारात्मक था और उनका कहना था कि अगर वह भारतीय बल्लेबाज बड़ा स्कोर बना सकते है, तो हम भी बना सकते हैं. बहरहाल, रिचर्डसन ने सहवाग की ऐतिहासिक पारी की विवियन रिचर्ड्स की 189 रन की उस शानदार पारी से तुलना करने से इंकार कर दिया, जो उन्होंने 1984 में इंग्लैंड के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेली थी.

रिचर्ड्स की यह पारी उस वक्त वनडे मैचों में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर के रूप में प्रतिष्ठित थी. रिचर्डसन ने कहा, मैं सहवाग की पारी की किसी दूसरे खिलाड़ी की पारी से तुलना नहीं करना चाहता. रिचर्ड्स ने वह पारी तब खेली थी, जब हम मैच में मुश्किल हालात में थे और उन्होंने माइकल होल्डिंग के साथ बड़ी भागीदारी की थी. वह विकेट मुश्किल था. यहां का विकेट आसान था. रिचर्डसन ने इस बात को भी खारिज किया कि वेस्टइंडीज के प्रमुख बल्लेबाज डेरेन ब्रावो की गैर मौजूदगी कैरेबियाई टीम की हार का सबब बनी. उन्होंने कहा, खिलाड़ी वक्त-वक्त पर चोटिल होते रहते हैं और हमें उन्हें दूसरे खिलाडिय़ों से बदलना होता है. हम तब भी मैच हारे हैं, जब ब्रावो टीम में शामिल थे. इस बीच दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स ने अहमदाबाद में कहा कि वह भारत के धुआंधार ओपनर सहवाग के वनडे मैच में 219 रन बनाए जाने से आश्चर्य में नहीं हैं. उन्होंने कहा, सहवाग तेज और बिना किसी डर के क्रिकेट खेलते हैं इसलिए मैंने उनसे दोहरा शतक लगाए जाने की अपेक्षा की थी.

Related Posts: