काफी स्कूल-कॉलेज खुले रहे, वहीं कुछ बंद रहे, आवश्यक सेवाओं पर नहीं पड़ा असर

भोपाल,1 दिसंबर. नभासं. खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश एफडीआई की मंजूरी देने के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में व्यावसायिक संगठनों के आह्वान पर गुरूवार को भारत बंद का राजधानी में मिला-जुला असर देखने को मिला.

राजधानी में हालांकि सुबह के समय दुकानें खुली जरुर पर धीरे-धीरे बंद होती गई.यहां के सराफा बाजार, चौक, जुमेराती, हनुमानगंज,स्थित थोक किराना बाजार,लोहा बाजार,न्यू मार्केट व दस नंबर की दुकानें बंद रहीं.हालांकि कुछेक इलाकों में संगठनों के आह्वान पर कुछ समय के लिए व्यापारियों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर लीं. भारतीय जनता पार्टी समेत माकपा, भाकपा लोजपा और अन्य संगठनों ने इस बंद का समर्थन कर जगह-जगह प्रदर्शन किया. इसके अलावा शहर के कई जगह पर व्यापारियों ने धरना देकर विरोध जताया. व्यापारी संगठनों से जुडे प्रतिनिधियों का कहना है कि खुदरा कारोबार क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के आने से छोटे व्यापारियों का व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो जाएगा और उनके समक्ष आजीविका का जबर्दस्त संकट पैदा हो जाएगा. इसलिए केंद्र सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की जा रही है यह मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि खुदरा व्यापार के क्षेत्र में विदेशी कंपनियों को इस राज्य में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा.
जनता दल यूनाईटेड मध्यप्रदेश इकाई ने बंद का जगह-जह प्रदर्शन किया. पार्टी के गोविन्द यादव ने बताया कि भारत बन्द के दौरान जनता दल यू मप्र की सभी जिला इकाइयों में व्यापारी संगठनों द्वारा किए जा रहे बन्द में सक्रिय रूप शामिल होकर उसका विरोध किए. पार्टी का कहना है कि केन्द्र सरकार से देश को आर्थिक रूप से गुलाम बनाने वाले खुदरा व्यापार में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के प्रवेश के निर्णय को रद्दा करने की मांग की है. गुरुवार को आल इंडिया कान्फडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स एण्ड भारत व्यापार उद्योग मंडल के आव्हान पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मंजूरी के खिलाफ भारत बंद को कम्युनिस्ट ने पूर्ण समर्थन देते हुए दोपहर दो बजे जिन्सी चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने एफडीआई की खुदरा बाजार में प्रदेश के केन्द्र सरकार के फैसले के खिलाफ बंद पर आम जनता को बधाई देते हुए जनविरोधी आर्थिक नीतियों के खिलाफ निर्णायक जनसंघर्ष हेतु लामबंद होने का आव्हान किया है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव व प्रांतीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र कुमार शैली ने कहाकि केन्द्र व राज्य में सत्तारुढ़ पुंजीवादी बुर्जुग सरकारों की अमेरिका साम्रज्यवाद से पोषित बहुराष्ट्रीय कम्पनियों से सांठगांठ का खामियाजा देश की गरीब, मेहनतकश जनता का उठाना पड़ रहा है. केन्द्र सरकार द्वारा मल्टी ब्राण्ड खुदरा बाजार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने के फैसले के खिलाफ आज भोपाल के तमाम बाजार व व्यापारिक प्रतिष्ठïन बंद रहे जिसके चलते कारोबार ठप्प रहा है. माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की जिला समिति ने सफल बंद के लिए नागरिकों का आभार व्यक्त किया. पार्टी ने कहा कि केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मेहनतकश अवाम का संघर्ष जारी रहेगा. आज सुबह से ही पार्टी के कार्यकर्ता बंद को सफल करने के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर घूमें. व्यस्ततम चौक बाजार बुधवारा, सोमवारा, आजाद मार्केट, इब्राहिमपुरा, घोड़ा नक्कास, हमीदिया रोड, जिंसी, जहाँगीराबाद आदि क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं के आग्रह पर व्यापारियों ने अपनी दुकान बंद कर सहयोग किया. इस अवसर पर जिंसी में जनसभा को पार्टी जिला सचिव भूषन भट्टाचार्य ने संबोधित किया.

खुदरा बाजार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के खिलाफ भारत बंद के समर्थन में बीमा कर्मचारियों देशभर में प्रदर्शन किए. भोपाल डिवीजन इश्योरेंस एम्पलाईज यूनियन के नेतृत्व में बड़ी तादाद में बीमा कर्मचारियों ने निगम के मण्डल कार्यालय के बाहर चौराहे पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन की संबोधित करते हुए यूनियन के महामंत्री सरवर अंसारी ने केन्द्र सरकार द्वारा खुदरा बाजार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ाने के कदम की तिखी आलोचना करते हुए कहा कि यह अमरीका के दबाव में किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के सरकार ने अपने अधिकारिक वक्तव्य में भारत सरकार के इस निर्णय की प्रशंसा की है जिससे साबित होता है कि भारत सरकार अमरीका के इशारे पर चल रही है. भारतीय जनता पार्टी व्यापारी प्रकोष्ठ 2 दिसम्बर को प्रदेश के सभी 55 संगठनात्मक जिलों में खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश के विरोध में प्रदर्षन कर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेष का निर्णय वापस लेने की मांग करेगा.   इंदौर में व्यापारी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक गोपीकृष्ण नेमा के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जायेगा. भोपाल में प्रकोष्ठ के सह संयोजक राजेन्द्र अग्रवाल प्रदर्र्शन का नेतृत्व कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेगें.

खुदरा व्यापार मंच के अध्यक्ष विवेक साहू के नेतृत्व में हनुमानगंज जुमेराती में केन्द्र सरकार द्वारा विदेशी व्यापार नीति की अनुमति दिये जाने के खिलाफ भीख मांग कर अनूठा प्रदर्शन किया गया. विवेक साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि केन्द्र सरकार के माध्यम से देश के खुदरा व्यापार को खत्म करना चाहती है. केन्द्र सरकार एक तरफ एफडीआई के माध्यम से देश में 1 लाख से अधिक बेरोजगार लोगों को रोजगार देने की बात करती है यह भूल जाती है कि देश के करोड़ों खुदरा व्यापारी इस नीति के लागू होने से बेरोजगार हो जायेंगे. अगर सरकार का यही रुख रहा तो खुदरा व्यापारी भीख मांगने पर मजबूर हो जायेंगे.

प्रतिबद्ध नौकरशाही लोकतंत्र के लिये घातक – विजेश लुनावत
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विजेश लुनावत ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को अक्षमता के आधार पर पन्द्रह वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति देने का केन्द्र सरकार का फ रमान उन्हें कमिटेड ब्यूरोक्रेसी में तब्दील करने का खेल है. केन्द्र सरकार को नहीं भूलना चाहिए कि देश की ब्यूरोक्रेसी सही अर्थो में सर्वोदय की भावना से कार्य करती है. उस पर नये नये प्रयोग करके उसके मनोबल को खंडित करने का नतीजा प्रशासन पर प्रतिकूल पडेगा. ब्यूरोक्रेसी संविधान के प्रति वचनबद्ध है और उसकी सेवा संहिता में उसके नियमन के पर्याप्त प्रावधान है, जरूरत है कि उन प्रावधानों पर निरपेक्ष भाव से अमल किया जाये.  विजेश लुनावत ने कहा कि तीस वर्ष की सेवा के पश्चात अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रावधान पहले से है. इस पर कितना अमल हुआ है यह भी सभी जानते है. ऐसे में ब्यूरोक्रेट्स की क्षमता के मूल्यांकन में कितनी पारदर्षिता और निष्पक्षता होगी संदेह के घेरे में रहेगी. नया प्रावधान ब्यूरक्रेसी का भयादोहन का नया अस्त्र बनाने की कोशिश लोकतंत्र के लिये घातक होगी.

61 प्रतिशत खुदरा कारोबार खेतिहर अर्थव्यवस्था का आधार है – किसान मोर्चा
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि 61 प्रतिशत रिटेल कारोबार खेतिहर अर्थव्यवस्था की नींव है. यदि इसमें विदेशी निवेश को प्रवेष दिया गया तो खेतिहर अर्थव्यवस्था छिन्न-भिन्न हो जायेगी. किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीलाल गुर्जर एवं मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अलकेश आर्य ने कहा कि नाबार्ड ने एक सर्वेक्षण में बताया कि कुल रिटेल कारोबार के 61 प्रतिशत हिस्से में खाद्य उत्पाद, अनाज, दाल, चावल, फल-सब्जी, दूध, चाय-काफी, मसाले आते है. यह कारोबार 11 हजार अरब रूपयों का बैठता है. इसमें असंगठित क्षेत्र के खेतिहर और मजदूर लगे हुए है. इनकी संख्या करीब 18 करोड़ बैठती है. यदि केन्द्र सरकार रिटेल ट्रेड में विदेशी निवेश से एक करोड़ रोजगार मिलने का दावा करती है तो उसे बताना चाहिए कि शेष 17 करोड़ के पुर्नवास की केन्द्र के पास क्या कार्ययोजना है ?

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