लंदन, 13 सितंबर. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को रंगारंग समारोह में स्पिरिट आफ क्रिकेट पुरस्कार के लिए चुना गया जो इंग्लैंड के दबदबे वाले आईसीसी वार्षिक पुरस्कारों में भारत के लिए एकमात्र सफलता रही.

जुलाई में ट्रेंटब्रिज में दूसरे टेस्ट में विवादास्पद परिस्थितियों में इंग्लैंड के बल्लेबाज इयान बेल के रन आउट होने के बाद वापस बुलाने के लिए धोनी को इस पुरस्कार के लिए नवाजा गया. भारतीय टीम ने हालांकि 2011 के इन पुरस्कारों के मेजबान स्थल से कुछ दूरी पर होने के बावजूद इस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण काफी देर से मिलने का हवाला देकर इस कार्यक्रम में शिरकत नहीं की. बेंगलूर में हुए समारोह में 2010 के साल के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर चुने गए सचिन तेंदुलकर इस बार पिछड़ गए और इंग्लैंड के जोनाथन ट्राट ने बाजी मार ली. ट्राट ने तेंदुलकर के आलवा टीम के अपने साथी एलिस्टर कुक और दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला की चुनौती को तोड़ा.

भारत के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर भी सर्वश्रेष्ठ वनडे खिलाड़ी की दौड़ में श्रीलंका के कुमार संगकारा से पिछड़ गए. इंग्लैंड के वनडे कप्तान कुक को पिछले 12 महीने में टेस्ट क्रिकेट में जानदार प्रदर्शन के लिए साल का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर चुना गया. आईसीसी पुरस्कारों में धोनी के अवार्ड के रूप में भारत को एकमात्र सफलता मिली. भारतीय कप्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ मुश्किल सीरीज के दौरान खेल भावना दिखाते हुए नियमों के अंतर्गत बेल के रन आउट होने के बावजूद उन्हें वापस बुला लिया था.

धोनी ने इस पुरस्कार की दौड़ में दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कालिस को पीछे छोड़ा जो 2011 विश्व कप के दौरान विरोधी क्षेत्ररक्षकों से कैच लपकने की पुष्टि करने के बाद अंपायर के फैसले के बिना ही दो बार स्वयं पवेलियन लौट गए थे. इस पुरस्कार के लिए आईसीसी के मैच रेफरी और अंपायरों के एमिरेट्स एलीट पैनल के सदस्यों ने वोट दिए.

दूसरी तरफ ट्राट को पिछले 12 महीने में जोरदार प्रदर्शन के लिए पुरस्कार के लिए चुना गया. उन्होंने इस दौरान 12 टेस्ट में 65.12 की औसत से 1,042 रन बनाए जिसमें चार शतक और तीन अर्धशतक भी शामिल हैं. इस बल्लेबाज ने इस दौरान 24 वनडे मैचों में दो शतक और नौ अर्धशतक की मदद से 48.36 की औसत से 1,064 रन भी बनाए.
ट्राट से पहले भारत के राहुल द्रविड़ (2004), इंग्लैंड के एंड्रयू फ्लिंटाफ और दक्षिण अफ्रीका के कालिस (2005 में संयुक्त रूप से), आस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग (2006 और 2007), वेस्टइंडीज के शिवनरायण चंद्रपाल (2008), आस्ट्रेलिया के मिशेल जानसन (2009) और भारत के सचिन तेंदुलकर (2010) यह प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल कर चुके हैं. ट्राट को आईसीसी अध्यक्ष शरद पवार ने सर गारफील्ड सोबर्स ट्राफी सौंपी. कुक को पिछले 12 टेस्ट की 18 पारियों में छह शतक और चार अर्धशतक की मदद से 51.74 की औसत के साथ 1,302 रन बनाने के लिए साल का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर चुना गया.

पच्चीस प्रतिष्ठित क्रिकेटरों की स्वतंत्र वोटिंग अकादमी ने इंग्लैंड के ही जोनाथन ट्राट और जेम्स एंडरसन के अलावा 2005 में यह पुरस्कार जीतने वाले कालिस पर कुक को तरजीह दी. संगकारा का भी वनडे क्रिकेट में पिछला एक साल काफी सफल रहा जिसमें उन्होंने 25 वनडे में एक शतक और सात अर्धशतक की मदद से 55.21 की औसत के साथ 1049 रन बनाए. उन्होंने विकेटकीपर के तौर पर 26 कैच और 10 स्टंपिंग सहित 36 शिकार भी बनाए जबकि उनकी अगुवाई में टीम विश्व कप 2011 के फाइनल में भी पहुंची जहां उसे भारत के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी.

संगकारा को दूसरे एलजी पीपल्स च्वाइस पुरस्कार के लिए भी चुना गया. इस पुरस्कार के अन्य दावेदार दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला, इंग्लैंड के जोनाथन ट्राट, वेस्टइंडीज के क्रिस गेल और धोनी थे. इस पुरस्कार के लिए आम जनता वोट करती है. वेस्टइंडीज के उभरते हुए लेग स्पिनर देवेंद्र बिशू को 2011 का इमर्जिंग प्लेयर चुना गया. उन्होंने वोटिंग समय के दौरान पांच टेस्ट में 35.42 की औसत से 21 विकेट चटकाए. इस लेग स्पिनर ने 11 वनडे में 21.57 की औसत से 19 विकेट भी हासिल किए. उन्होंने टीम के अपने साथी डेरेन ब्रावो और पाकिस्तान के वहाब रियाज तथा अजहर अली को पछाड़ा.

हालैंड के आलराउंडर रेयान टेन डोएशे को लगातार दूसरे साल आईसीसी का साल का सर्वश्रेष्ठ एसोसिएट और एफीलिएट क्रिकेटर चुना गया. उन्होंने पिछले 12 महीने में छह वनडे मैचों में हालैंड का प्रतिनिधित्व किया और दो शतक तथा एक अर्धशतक बनाया. उन्होंने इस दौरान 89.24 के स्ट्राइक रेट और 61.40 की औसत से रन जुटाए. न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज टिम साउथी को पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ 18 रन पर पांच विकेट चटकाने के लिए आईसीसी के टी-20 मैचों में साल के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए चुना गया. वेस्टइंडीज की आलराउंडर स्टेफनी टेलर को आईसीसी की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेट का पुरस्कार दिया गया जबकि पाकिस्तान के अलीम दार को लगातार तीसरी बार आईसीसी का साल का सर्वश्रेष्ठ अंपायर चुना गया.

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