पिपलानी क्षेत्र में हुई वारदात

कहीं ये हत्या का मामला तो नहीं ?

भोपाल, 14 मई नभासं. घरवालों से रूठ कर बाहर जाना एक छात्रा क ी जान का दुश्मन बन गया. राजधानी में बेखौफ हो चुके दंरिदों ने उसे मारकर खुले मैदान में फेंक दिया. उसके शरीर पर धारदार हथियार से चोट के निशान लगे थे. इसके बावजूद भी पुलिस हत्या मानने को तैयार नहीं है. पिपलानी थाना प्रभारी नागेन्द्र पटेरिया का कहना है कि छात्रा की किसी ने हत्या की है, इसे साबित नहीं किया जा सकता. क्योंकि प्रारंभिक पोस्टर्माटम रिपोर्ट में छात्रा की मौत किसी धारदार हथियार व अन्य चोटों की वजह से  होना नहीं पाया है.

लेकिन सवाल यह उठता है यदि छात्रा आत्महत्या करती तो घर से तकरीबन पांच:छ: किलोमीटिर दूर क्यों जाती. इसके अलावा छात्रा की मौत ने पुलिस के लिए कई अनसुलझे सवाल छोड़े हैं जिसका उसे जवाब ढूढना होगा. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पिपलानी पुलिस को सोमवार को सूचना मिली कि सी सेक्टर अयोध्या नगर स्थित मैदान में एक युवती की लाश पड़ी हुई है. इस सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल पर खून से सनी लाश बरामद की. युवती की पहचान पूर्णिमा पुत्री जीपी सिंधिया(22) निवासी एमआईजी 361 सी सेक्टर अयोध्या नगर के रूप में की गई. वह भेल कालेज में सेकंड इयर की छात्रा थी. उसके कपड़े फटे हुए थे और उसके सिर तथा पैरों में धारदार हथियार के चोट के निशान थे.

परिजनों ने पुलिस को बताया कि पिछले करीब चार महीने से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. वह बात-बात पर उत्तेजित होकर परिजनों से विवाद करने लगती थी. रविवार की रात करीब ग्यारह बजे पूर्णिमा घरवालों से झगड़़ा करने के बाद कहीं चली गई थी. परिजनों ने सोचा कि हर बार की तरह वह घर के सामने बने तीन मंजिला शासकीय आवास की छत पर जाकर सो गई होगी, लेकिन आज सुबह उसकी लाश मैदान में पड़ी मिली. छात्रा के पिता जिपी सिंधिया सिंगरौली स्थित आईटीआई कालेज में प्रिंसिपल रह चुके हैं. वे फिलहाल विदिशा स्थित आईटीआई में ट्रेनर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

रोगी कल्याण समिति की बैठक

भोपाल,14 मई,भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री जयंत मलैया की अध्यक्षता में मंगलवार दिनांक 15 मई 2012 को शाम 4.30 बजे जे पी अस्पताल में रोगी कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गई है .

जे पी अस्पताल में हो रहे विकास संबंधी निर्माण कार्यो और मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं संबंधी समीक्षा की जायेगी.कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने संबंधित विभाग के अधिकारियों और रोगी कल्याण समिति के सदस्यों से बैठक में समय पर उपस्थित रहने को कहा है. इस बैठक में पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन पर भी चर्चा की जायेगी.

रेप के बाद हत्या?
जिन हालातों में छात्रा की लाश बरामद हुई है, उससे लगता है कि रेप करने क ी कोशिश में असफल होने पर उसकी हत्या की गई है.उधर,छात्रा के चचेरे भाई रोहित ने बताया कि पूर्णिमा के कपड़े पूरी तरह से फटे  थे.जबकि उसके शरीर पर कई स्थानों पर चोट के निशान थे. इससे लगता है कि रात के समय किसी ने रेप करने की कोशिश की होगी और सफल नहीं होने पर उसकी हत्या कर दी. हाथ-पैरों की स्थिति से लगता है कि छात्रा ने इस दौरान जमकर संघर्ष किया है.

देर से पहुंची पुलिस
मैदान में लाश पड़ी होने की सूचना पुलिस को तड़के ही मिल गई थी, लेकिन पुलिस सुबह करीब साढ़े सात बजे मौके पर पहुंची. एफएसएल पार्टी को सूचना दे दी गई थी, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंच पाई. स्थानीय रहवासियों के अनुसार पहले इस इलाके में नियमित गश्त होती थी, लेकिन पिछले करीब तीन महीने से पुलिस ने रात्रि में गश्त करना बंद कर दिया है. यही कारण है कि मैदान में रात के समय असामाजिक तत्वों के लोग बैठकर शराब व राहगीरों से लूटपाट करते हैं.

ये रहे अनसुलझे सवाल

  •  छात्रा के गुम होने के बाद उसके माता-पिता लड़की का पता करने क्यों नहीं निकले?
  •  थाने में परिवार वालों ने गुमशुदगी की सूचना क्यों नहीं दी.
  •   पुलिस का गश्तीदल क्या कर रहा था?
  • सूचना के बाद देर से क्यों पहुंची पुलिस?
  • मृतका के घर वालों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को पूरा सच क्यों माना?
  • जबकि मृतका के शरीर में कई चोटें लगी थीं.

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