नयी दिल्ली, 15 दिसंबर, नससे. विपक्ष ने गृहमंत्री पी चिदम्बरम पर एक होटल मालिक को बचाने के मकसद से पद का दुरूपयोग करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग को लेकर आज लोकसभा में जबर्दस्त हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई. सुबह सदन की कार्यवाही सांसदों की उपेक्षा के मामले पर दोपहर तक स्थगित कर दी गई थी. बाद में श्री चिदंबरम के इस्तीफे की मांग पर शोरशराबे की वजह से  दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया.

दो बजे कार्यवाही फिर से शुरू होने पर भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड और अन्नाद्रमुक के सदस्य अध्यक्ष के आसन के सामने आकर हंगामा करने लगे. वे चिदंबरम को जेल भेजो और गृह मंत्री को बर्खास्त करो के नारे लगा रहे थे. इस शोरशराबे के बीच ही संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने केबल टेलीविजन नेटवर्क विनियमन दूसरा संशोधन विधेयक सदन में पेश किया. इसके बाद उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने रेलवे की अनुपूरक मांगों पर चर्चा का जवाब देने के लिए रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी का नाम पुकारा मगर हंगामे की वजह से वह इसे शुरू नहीं कर सके. इस बीच समाजवादी पार्टी के सदस्य भी सच्चर कमेटी की रिपोर्ट लागू करने की मांग को लेकर अध्यक्ष के आसन के सामने आकर शोरशराबा करने लगे. उपाध्यक्ष के बार-बार अनुरोध के बावजूद जब सदस्य शांत नहीं हुए तो श्री मुंडा ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी.

कंपनी को मिली ‘राहत’ वापस

नई दिल्ली. एक ओर जहां चिदंबरम के खिलाफ संसद के अंदर और बाहर विपक्षी दलों ने हल्ला बोल दिया है वहीं दिल्ली के राज्यपाल ने कंपनी पर चल रहे केस वापस लेने की अपनी इजाजत वापस ले ली है.

चिदंबरम की भूमिका नहीं-गृहमंत्रालय
गृह मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली के एक होटल व्यवसाई के खिलाफ दायर तीन एफआईआर वापस लेने में गृह मंत्री पी चिदंबरम की कोई भूमिका नहीं थी. इस होटल व्यवसाई के बारे में कहा जा रहा है कि वह चिदंबरम का पूर्व मुवक्किल है. केंद्रीय गृह सचिव आर के सिंह ने दावा किया कि एफआईआर वापस लेने के बारे में गृह मंत्रालय द्वारा दिल्ली सरकार को भेजे गए पत्र का मसौदा चिदंबरम या गृह सचिव या संबद्ध संयुक्त सचिव को नहीं दिखाया गया था. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि पत्र का मसौदा तैयार करने में गलती हुई हो. उन्होंने कहा कि मसौदा गृह मंत्री को नहीं दिखाया गया था. गृह सचिव को भी फाइल नहीं दिखाई गई. यहा तक कि संबद्ध संयुक्त सचिव का भी कहना है कि उन्होंने मसौदा नहीं देखा था. मामला वापस लेने में गृह मंत्री की कोई भूमिका नहीं है. उल्लेखनीय है कि सनएयर होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक एस पी गुप्ता के खिलाफ दायर तीन एफआईआर वापस लेने के मुद्दे पर विवाद उठ खडा हुआ है और इस मुद्दे पर आज संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ और लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी. तीनों एफआईआर [प्राथमिकी] गुप्ता द्वारा दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाधी, काग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाधी के नामों का कथित दुरूपयोग कर वीएलएस फाइनेंस कंपनी के साथ करोडों रूपए की धोखाधड़ी से संबंधित हैं. खबरों में यह भी बताया गया है कि यह हितों के टकराव का मामला है क्योंकि गुप्ता चिदंबरम के मुवक्किल रह चुके हैं और चिदंबरम ने वकील के रूप में उनके मामले अदालत में लड़े हैं.

Related Posts: