आरोपी के चेहरे पर शिकन नहीं, वह मुस्कुराता रहा

उज्जैन, 8 दिसम्बर. ब्यूरो. नगर निगम के स्टोर विभाग में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (चपरासी) नरेन्द्र देशमुख के आठ खातों की डिटेल लोकायुक्त पुलिस ने गुरूवार को दिनभर खंगाली. दो वर्ष में तकरीबन दो करोड़ रूपए का ट्रांजेक्शन देशमुख द्वारा करना पाया गया.

डीएसपी (लोकायुक्त) ओ.पी. सागोरिया के मुताबिक सेठी नगर स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में टीम पहुंची और खातों की जांच की. इस दौरान लॉकर का ताला तोड़ा गया क्योंकि देशमुख दम्पत्ति से लॉकर की चाबी गुम हो गई थी. इस कार्रवाई के दौरान नरेन्द्र देशमुख पत्नी के साथ बैंक में मौजूद थे लेकिन उनके चेहरे पर कार्रवाई का जरा भी भय नहीं था. वे पूरी कार्रवाई के दौरान मुस्कुराते रहे. लॉकर से सोना-चांदी के बर्तन व आभूषण मिले हैं. फिलहाल शुक्रवार को भी जांच जारी रहेगी. जल्द ही लोकायुक्त टीम का एक दल महाराष्ट्र जाकर देशमुख की होटलों के बारे में जानकारी जुटाएगा, जिसमें देशमुख ने पैसा इन्वेस्ट किया था. इधर निगम अयुक्त महेशचन्द्र चौधरी ने भ्रष्टाचार में लिप्त होने के चलते नरेन्द्र देशमुख को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रविशंकर शुक्ला को चार्ज सौंपा है. नगर निगम उज्जैन में वर्ष 1980 में पदस्थ हुए नरेन्द्र देशमुख के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की गूंज पूरे देश में फैल चुकी है. ‘देशमुख दम्पत्ति की मौजूदगी में खातों की जांच की गई है. लॉकर्स से स्वर्ण-रजत आभूषण बरामद किए गए हैं. शुक्रवार को भी टीम बैंक खातों की जांच करेगी.’
– अरूण मिश्रा(पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त)

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