नई दिल्ली. केन्द्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को कहा कि इंडियन मुजाहिद्दीन के गिरफ्तार किए गए छह संदिग्ध आतंकवादियों का पुणे की जर्मन बेकरी, बेंगलूरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम और दिल्ली की जामा मस्जिद के पास हुए विस्फोटों में हाथ होने का संदेह है.

चिदंबरम ने अपने मंत्रालय की नवंबर महीने की प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में छह संदिग्ध (आतंकवादी) पकड़े गए हैं. इनमें से एक पाकिस्तान का बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन छह आतंकवादियों का पुणे की जर्मन बेकरी, बेंगलूर के चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम और दिल्ली की जामा मस्जिद के पास हुए विस्फोटों में हाथ होने का संदेह है. इस बीच पुलिस सूत्रों ने बताया कि विभिन्न आतंकी माड्यूलों के बीच समन्वय स्थापित करने के अतिरिक्त कथित तौर पर वित्तीय मदद तथा अन्य सहायता उपलब्ध करा रहा मुख्य कर्ता धर्ता इमरान फरार है.

सूत्रों ने बताया कि इमरान ने 19 सितंबर 2010 को दिल्ली की जामा मस्जिद के बाहर एक कार में कथित तौर पर बम रखा था. उन्होंने बताया कि वे इंडियन मुजाहिद्दीन के शीर्ष आतंकवादी तौकीर को भी ढूंढ़ रहे हैं जो 2008 में दिल्ली के सिलसिलेवार बम धमाकों में वांछित है और उस पर सात सितंबर के दिल्ली उच्च न्यायालय विस्फोट में शामिल होने का संदेह है. जांचकर्ताओं ने दावा किया कि गिरफ्तार किए गए लोग 13 फरवरी, 2010 को पुणे की जर्मन बेकरी और बेंगलूर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में 17 अप्रैल, 2010 को आईपीएल मैच के दौरान हुए धमाके तथा दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों से पहले जामा मस्जिद के बाहर 19 सितंबर 2010 को कार में हुए विस्फोट तथा गोलीबारी की घटना में कथित तौर पर शामिल थे.

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