फाजिर की नमाज के साथ शुरू होगा, इज्तिमागाह में 12 लाख से अधिक लोग मौजूद रहेंगे

भोपाल, 9 दिसंबर.नभासं. राजधानी में होने वाले तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय तब्लीगी इज्तिमा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. साथ ही इस जलसे के लिए देश के विभिन्न राज्यों की जमातें यहां पहुंच चुकी हैं. 64 वें आलमी तलीगी इज्तिमा की विधिवत शुरूआत शनिवार की सुबह फजिर की नमाज के साथ होगी.

गौरतलब है कि विगत एक माह से इज्तिमा की तैयारी इज्तिमा कमेटी द्वारा की जा रही थी. जिसके तहत अब पंडाल बनकर तैयार हैं और पानी के साथ बिजली के इंतजाम सहित अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के इंतजाम किए गए हैं. साथ ही इज्तिमा अवधि के दौरान स्पेशल बसें चलाने का निर्णय भी लिया गया है. इसी के साथ बसों और ट्रकों की व्यवस्था भी इंतेजामियां कमेटियों द्वारा की गई हैं. ऐसा माना जा रहा है कि इस बार दुआ के वक्त इज्तिमागाह ईंटखेड़ी घासीपुरा में 12 लाख से अधिक लोग मौजूद रहेंगे. आयोजन की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और जमातों के आने का सिलसिला भी जारी है. इज्तिमा के चलते वाहनों की आवाजाही बढऩे से बैरसिया रोड पर जगह-जगह जाम के हालात बन रहे हैं इससे इज्तिमा के दौरान रोड जाम होने की आशंका बढ़ गई है.

सामूहिक निकाह के लिए 400 पंजीयन – तीन दिवसीय इज्तिमा में रविवार को सामूहिक निकाह होंगे, जबकि सोमवार को दुआ के साथ जलसा समाप्त हो जाएगा. इज्तिमा के दौरान 11 दिसंबर को होने वाले इज्तिमाई निकाह के अब तक चार सौ पंजीयन हो चुके हैं. उम्मीद है कि इस बार भी इज्तिमाई निकाह में एक हजार से भी अधिक युवकों के निकाह पढ़ाए जाएंगे. कई देशों से आए स्वावलंबी-इज्तिमा में शिरकत के लिए विदेशी जमातों का आना जारी है, जिसमें रूस, श्रीलंका, इंडोनेशिया, मलेशिया, थाइलैंड, दक्षिण अफ्रीका, जांमबिया, तुर्की आदि देशों की जमातें राजधानी पहुंच चुकी हैं. इसके अलावा हिन्दुस्तान के विभिन्न राज्यों से भी जमाती यहां पहुंच रहे हैं. ये जमाते आयोजन में शामिल होने के बाद स्वदेश लौट जाएंगी. इन जमातियों को इज्तिमा स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है. इन्हें उन वाहनों से पहुंचाया जा रहा है जो निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं.

300 वोलेंटियर रहेंगे तैनात -पिछले सालों की तरह इस साल भी हर स्थानों पर सीसीटीवी कैंमरों और वॉच टॉवर से निगरानी रखी जाएगी. पुलिस प्रशासन द्वारा इज्तिमा स्थल के आस-पास के क्षेत्रों में चैकिंग की जा रही है इसके अलावा व्यवस्था बनाने में प्रशासन की मद्द के लिए तीन सौ वोलेंटियर तैयार रहेगे. इन्हें यातायात, पार्किंग, निगरानी और स्टेशन व बस स्टैंड पर तैनात किया जाएगा.

इज्तिमा स्थल पर रेलवे ने किये व्यापक प्रबंध

भोपाल रेल मण्डल द्वारा 10 से 12 दिसंबर तक आयोजित होने वाले आलमी तबलीगी इज्तिमा के लिये इज्तिमा स्थल पर रेलवे द्वारा धर्मावलंबियों की सुविधा के लिये व्यापक प्रबंध किये गये हैं.

डीआरएम घनश्याम सिंह ने बताया कि धर्मावलंबियों की सुविधा के लिये इज्तिमा स्थल पर रेलवे पूछताछ केन्द्र, कम्प्यूटरीकृत अनारक्षित टिकट प्रारंभ किये गये हैं. इससे बाहर से आने वाले धर्मावलंबियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिये इज्तिमा स्थल पर ही टिकट एवं जानकारी मिल जायेगी. इसके अलावा भोपाल स्टेशन के प्लेट फार्म क्रं 1 की ओर एक बड़ा टेन्ट के लिये भी उपलब्ध कराया गया है. इस व्यवस्था के लिये आठ कर्मचारियों को तैनात किये गये हैं. 13 दिसंबर कोभोपाल स्टेशन पर सभी चालू काउन्टरों के अतिरिक्त प्लेटपनऊर्म क्रं. 1 व 5 पर एक-एक अतिरिक्त बुकिंग काउंटर खोले जायेंगे तथा फुड प्लाजा के बाजू में बाहरी ओर एक अतिरिक्त बुकिंग काउन्टर धर्मावलंबितयों के लिये खोला जा रहा है.

विभिन्न गाडिय़ों में लगेगे कोच
धर्मावलंबियों की सुविधा के लिये उनके वापसी यात्रा में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो, रेलवे ने  आवश्यकतानुसार विभिन्न गाडिय़ों में लगभग 35 कोच जोड़ेने का निर्णय लिया है.

स्टेशन पर रहेगी पुख्ता व्यवस्था
भोपाल स्टेशन के सभी प्लेटफार्मो पर उद्घोषणा एवं गाडिय़ों की जानकारी प्रदान करने हेतु पुख्ता व्यवस्था बनाये रखने अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं. स्टेशन पर साफ-सफाई हेतु वाणिज्य प्रबंधकों को एवं बेहतर सुरक्षा व्यवस्था हेतु रेल सुरक्षा बल एवं जीआरपी पुलिस को एवं आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु मेडीकल अधिकारीयों को सुनिश्चित व्यवस्था बनाने हेतु निर्देशित किया गया है.

इज्ति़मा इन्सानियत का पैगाम: प्रभात झा
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा एवं प्रदेश संगठन महामंत्री अरविन्द मेनन ने विश्व में ईस्लाम के सबसे बड़े तीसरे जलसे आलमी तब्लीगी इज्ति़मा के मौके पर भोपाल पहुंचने वाले मेहमानों, मरकज से पधारे उलेमा-ए-दीन का इस्तकबाल करते हुए आलमी तब्लीगी इज्ति़मा की सफ लता की कामना की है. उन्होनें उम्मीद जताई है कि 3 दिन चलने वाले जलसे में उलेमा-ए-दीन की तकरीर अमन और सकून का पैगाम बनेगी. सामूहिक निकाह के साथ ही यहां सोमवार जलसे के समापन पर दुआ दी जायेगी जो नेक इन्सान बनने, मुल्क की खुशहाली और दुनिया की सलामती के लिए विषेष मायना रखती है.

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