चित्रांगदा सिंह शादी के बाद फिल्मों में आई और फिल्मों में अपनफ अच्छफ जगह बनाई. उनका मानना है कि अपने मेहनत के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया. प्रस्तुत है चित्रांगदा से बातचीत के कुछ अंश:

आपने शादी के बाद फिल्मों में एंट्री ली जबकि नायिकाएं कॅरियर के लिए शादी टाल देती हैं. यह मुकाम कैसे हासिल कर पाई?

कड़ी मेहनत की मैंने. देखिए, जब आप में टैलेंट होता है और आप कुछ कर दिखाना चाहते हैं, कुछ बनना चाहते हैं तो फिर आप क्या हैं?
कहां से आए हैं, ये बातें मायने नहीं रखतीं. केवल आपकी मेहनत और काम पर फोकस ही आपके आगे का रास्ता खोलता है. अपनी खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए कोई खास कोशिश?
नहीं, ऐसा कुछ नहीं. जो सब करते हैं वही मैं भी करती हूं. कड़ी मेहनत करने से तो वैसे ही फिट रहते हैं. ब्यूटी बनाये रखने के लिए जीवन में अनुशासन लाना पड़ता है. आपको ध्यान रखना होता है कि आप क्या खा रहे हैं, क्या कर रहे हैं.

सबसे ज्यादा खुशी का क्षण कौन-सा होता है?
ऑफ कोर्स, जब काम की तारीफ होती है. जब कोई फिल्म रिलीज होती है तो हमें उम्मीदें तो होती ही हैं. आलोचना भी होती है. जब आप काम कर रहे हों और लोगों की नजर में हों, तो लोग मेहनत की प्रशंसा करते हैं.

जब मेरी टू डू लिस्ट खत्म हो जाती है, उस समय भी मैं खुश हो जाती हूं. जब घर पहुंचती हूं और देखती हूं कि सब काम हो गए तो बहुत खुशी मिलती है.

कौन-सी नई फिल्में आ रही हैं आपकी?
आई मी और मैं में मैं जॉन अब्राहम के साथ हूं. फिल्म जल्दी ही रिलीज होने वाली है. रिलेशनशिप पर है यह, कॉमिक भी है. मेरी दूसरी फिल्म है सुधीर मिश्रा की इनकार, इसमें अर्जुन रामपाल मेरे को-स्टार हैं. यह भी ड्रामा है. जब आप प्यार में पड़ जाते हैं तो क्या कॉम्प्लिकेशंस होती हैं, यही बताया गया है इसमें. इमोशंस ज्यादा है.

आइटम सांग भी किया है आपने?
हां, शिरीष कुंदर की 3डी फिल्म जोकर के लिए मैंने आइटम किया है. फरहा खान ने इसे कोरियोग्राफी किया है. काफी कठिन था, लेकिन मैंने मेहनत की और एक खूबसूरत आइटम सांग देने की कोशिश की है.

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