शिक्षक दिवस आज, उत्कृष्टï शिक्षकों को 25 हजार रुपये के साथ शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र मिलेंगे

भोपाल, 4 सितंबर. राज्य-स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन सोमवार पांच सितम्बर किया गया है. सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित इस समारोह में राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर प्रदेश के उत्कृष्ट शिक्षकों को 25 हजार रुपये की सम्मान-राशि, शाल, श्री फल और प्रशस्ति-पत्र भेंट कर सम्मानित करेंगे. इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनिस मुख्य रूप से शामिल होंगे.

शिक्षक दिवस पर राज्य शिक्षा केंद्र के सामने औपचारिकेत्तर शिक्षक संगठन द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. प्रदर्शन के बाद रैली निकाली जाएगी. औपचारिकेत्तर शिक्षक संघ के रमेश द्विवेदी का कहना है कि औपचारिकेत्तर शिक्षकों को गुरूजी संवर्ग में शामिल करने की मांग को लेकर शिक्षक दिवस का विरोध करते हुए गुरूजी औपचारिकेत्तर शिक्षक संघ द्वारा दिन 11 बजे उपवास रख कर धरना देने तथा बाद में रैली निकालकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराने का फैसला किया है. पारदर्शी नहीं है चयन की प्रक्रिया मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष दीक्षित ने सम्मान के लिए की जाने वाली चयन की प्रक्रिया पर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य के शिक्षकों को सम्मान की चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है. उनका कहना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया का फायदा शहरी क्षेत्र के शिक्षकों को तो मिला है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश शिक्षक इसमें शामिल नहीं हो पा रहे हैं. क्योंकि गावं आदि में लाईट के साथ इंटरनेट की नियमित और पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. सम्मान की प्रक्रिया का प्रसारण आनलाइन के साथ यदि अखबारों आदि के माध्यम से किया जाता तो यह ज्यादा कारगर साबित होता. इससे दूर-दराज क्षेत्र में रहने वाले पात्र शिक्षक भी आवेदन कर पाते.

विक्रमादित्य कालेज में 5 सितंबर को दोपहर 12.30 बजे विक्रमादित्य कालेज का स्थापना दिवस शिक्षक दिवस एवं फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन किया जा रहा है. कालेज के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विक्रमादित्य महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जायेगी. साथ ही फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन किया जाएगा.

भाजपा के विधायक विश्वास सारंग ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के समस्त गुरुजनों को बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की है. उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का समाज में बड़ा योगदान होता है वह व्यक्ति को शिक्षित और संस्कार प्रदान कर उसे सभ्य बनाता है. शिक्षा से संस्कृति का विकास होता है और संस्कृति हमें समाज में नित नई उंचाईयों की ओर अग्रसर होने में मददगार साबित होता है. शिक्षकों के इस योगदान को हमें हमेशा याद रखना चाहिए. इसे वर्ष में मात्र एक दिन मना कर औपचारिकता न निभाएं बल्कि गुरुजन के  प्रति हमेशा आस्था, विश्वास और आदर का भाव रखें.

आदिशक्ति साहित्य कला परिषद 4 सितंबर का अलंकरण सम्पन्न हुआ. 5 सितंबर को मायाराम सुरजन भवन में शिक्षक दिवस की पावन बेला पर डा. विजयबहादुर सिंह की अध्यक्षता में परिषद का वार्षिक डा. सर्वपल्ली राधा कृश्णन सम्मान समारोह आयोजित होगा. जिसमें रमेश शर्मा उपाध्यक्ष राष्टï्रीय एकता परिषद, पी.सी. शर्मा पूर्व विधायक आदि शामिल होंगे. इस अवसर पर प्रो. मूलाराम जोशी रामनारायण चौरसिया, रक्षा सिसोदिया, आशा शर्मा, राधारानी चौहान, माहिर अली जैदी, मो. हनीफ, आई.एम. कुरैशी, मौलाना मोहम्मद युसुफ जामई को डा. राधाकृष्ण सर्वपल्ली सम्मान प्रदान किया जायेगा.

टीचर्स डे पर फिल्म फेस्टिवल
सरदार वल्लभ भाई पटेल पालीटेक्रीक महाविद्यालय के एप्लाईड वीडियोग्राफी विभाग में शिक्षकों द्वारा समाज निर्माण पर केन्द्रित तृतीय वार्षिक फिल्मोत्सव का शुभारंभ 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर किया जाएगा.और साथ ही बच्चों द्वारा ली गई फोटो का प्रदर्शन भी किया जाएगा. समाज की दिशा एवं दशा निश्चित करने में शिक्षकों की भूमिका सर्वविदित हैं शालाओं एवं महाविद्यालयों में अध्यापन करने वाला ही केवल शिक्षक नहीं है अपितु समय समय पर समाज को मार्गदर्शन देने वाला आम आदमी भी के रूप में वन्दनीय होता है.

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