कंगारुओं के सामने नतमस्तक हुए घर के शेर

मेलबर्न,29 दिसबंर.  दुनिया के सर्वंश्रेष्ठ बल्लेबाजों से सजी टीम इंडिया आस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट में जीत के लिए 292 रनों के लक्ष्य तक भी नहीं पहुंच सकी और दूसरी पारी में महज 169 रनों पर सिमट कर मैच 122 रनों से गंवा दिया. मैच के चौथे दिन आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जेम्स पैटिंसन और पीटर सिडल ने मिलकर दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों को विकेट पर टिकने का कोई मौका नहीं दिया.

दूसरी पारी में पैटिंसन ने चार, पीटर सिडल ने तीन जबकि पहली पारी में पांच विकेट झटकने वाले हिलफेनहास के नाम दो विकेट रहे. नाथन ल्योन ने उमेश यादव को आउट कर भारत को आखिरी झटका दिया. भारत के लिए दूसरी पारी में सचिन तेंदुलकर ने सबसे ज्यादा 32 रनों की पारी खेली. चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरा भारत तुरंत बाद ही बैकफुट पर चला गया जब उसके आक्रामक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग महज सात रन बनाकर पवेलियन लौट गए. बेन हिलफेनहास की गेंद पर माइकल हसी ने प्वाइंट पर उनका बेहतरीन कैच लपका. सहवाग ने बाहर जाती गेंद पर तेजी से कट किया लेकिन प्वाइंट पर हसी ने बड़ी चुस्ती से उसे कैच में बदल दिया. इसके बाद तो विकेटों के गिरने का सिलसिला ही शुरू हो गया. पहली पारी में महज तीन रन बनाने वाले गौतम गंभीर (46 गेंद) क्रीज पर लंबा समय गुजारने के बाद 13 रन बनाकर सिडल की गेंद पर स्लिप में खड़े पोटिंग के हाथों कैच आउट हो गए. राहुल द्रविड़ (10) और वीवीएस लक्ष्मण (1) जेम्स पैटिंसन के शिकार बने. लक्ष्मण दोनों पारियों में असफल रहे हैं. दूसरे छोर पर टिके सचिन तेंदुलकर बीच-बीच में जोरदार शाट लगाकर टीम का स्कोर आगे बढ़ाने में जुटे थे. हालांकि कई बार वह आउट होने से बचे. विराट कोहली ने भी टीम को निराश किया. और खाता खोले बगैर ही हिलफेनहास की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए. भारत की आधी टीम मात्र 69 रनों पर पवेलियन लौट चुकी थी.

थोड़ी देर बाद जमकर खेल रहे तेंदुलकर भी टीम को मझधार में छोड़ कर चलते बने. उन्हें सिडल ने अपना दूसरा शिकार बनाया. 81 रन पर भारत का छठा विकेट गिरा. इसके बाद कप्तान धौनी और आर अश्विन ने विकेटों के पतन को चायकाल तक रोका. चायकाल के कुछ देर बाद ही अश्विन ने 35 गेंदों पर 30 रन जड़कर सिडल की गेंद पर एड कोवान को कैच देकर भारत की हार सुनिश्चित कर दी. 117 रनों पर सात विकेट के बाद जहीर खान (13) के रूप में भारत को आठवां झटका लगा. खान ने कोवान को कैच थमाकर पैटिंसन को तीसरे विकेट का तोहफा दिया. कप्तान धौनी का संघर्ष का अंत भी पैटिंसन के हाथों हुआ और भारत ने 142 रनों पर नौवां विकेट खो दिया. इसके बाद ईशांत और यादव ने मिलकर कुछ देर हार को टाला लेकिन भारत को 122 रनों की हार से नहीं बचा पाए. ईशांत 6 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि यादव 21 रन बनाकर नाथन ल्योन की गेंद पर डेविड वार्नर को कैच थमाकर पवेलियन लौटे. इससे पहले आस्ट्रेलिया ने सुबह आठ विकेट पर 179 रन से आगे खेलते हुए भाग्य और निचले क्रम के बल्लेबाजों के साहसिक प्रदर्शन से अपनी दूसरी पारी में 240 रन बनाए. अविजित बल्लेबाज हसी अपने कल के स्कोर 79 रन में केवल दस रन और जोड़ पाए लेकिन उनके युवा जोड़ीदार जेम्स पैटिंसन (नाबाद 37) ने हिलफेनहास (14) के साथ आखिरी विकेट के लिए 43 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की.

पैटिंसन और हिलफेनहास के बीच आखिरी विकेट की यह साझेदारी आस्ट्रेलिया की तरफ से इस दूसरी पारी में सबसे बड़ी भागीदारी रही. रिकी पोंटिंग और हसी ने इससे पहले पांचवें विकेट के लिए 115 रन जोड़े थे. भारत ने यदि मौके नहीं गंवाए होते तो वह आस्ट्रेलिया की पारी सुबह जल्दी समेट देता. पैंटिसंन जब 15 रन पर थे तब उमेश यादव की गेंद पर जहीर खान ने फाइन लेग में उनका कैच छोड़ा था. आस्ट्रेलियाई स्कोर तक नौ विकेट पर 203 रन था. पैटिंसन ने अपनी पारी तीन रन से आगे बढ़ाई तथा यादव पर कवर ड्राइव से चौका जड़कर दोहरे अंक में पहुंचे. जीवनदान मिलने के बाद उन्होंने इसी ओवर में पुल करके गेंद को सीमा रेखा के दर्शन कराए. हसी को यादव की इनस्विंगर से परेशानी हुई लेकिन उन्होंने जहीर पर दो चौके लगाए. जहीर ने हालांकि उन्हें इसी ओवर में विकेटकीपर धौनी के हाथों कैच करा दिया. उन्होंने 151 गेंद खेलकर 89 रन बनाए जिसमें नौ चौके शामिल हैं. इसके बाद जब आर अश्विन के रूप में स्पिन आक्रमण आजमाया गया तो हिलफेनहास ने उन पर दो चौके लगाए. आखिर में हिलफेनहास ने ईशांत शर्मा की गेंद पर दूसरी स्लिप में वीवीएस लक्ष्मण को कैच थमाया जिससे आस्ट्रेलियाई पारी का अंत हुआ.

105 वर्ष बाद दोहराया इतिहास

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने भारत के खिलाफ पहला टेस्ट मैच 122 रन जीतकर 105 वर्ष पुराना इतिहास दोहरा दिया. वह दक्षिण अफ्रीका के बाद दूसरी ऐसी टीम बन गयी जिसने ट्रिपल नेल्सन अंक 333 का स्कोर बनाकर भी मैच जीत लिया. ऑस्ट्रेलियाई टीम मैच के दूसरे दिन 333 रन पर सिमटी थी. टेस्ट इतिहास में यह मात्र आठवां मौका था जब कोई टीम इस स्कोर पर सिमटी हो, अब यह दूसरा मौका बन गया जब किसी टीम ने ट्रिपल नेल्सन स्कोर बनाकर जीत दर्ज की हो. नेल्सन नंबर को जितना दुर्भाग्यपूर्ण माना है, उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण यह ट्रिपल नेल्सन स्कोर भी है, इस मैच से पहले तक केवल एक बार कोई टीम 333 का स्कोर बनाकर जीतने में कामयाब हुई थी. दक्षिण अफ्रीका ने मार्च 1906 में केपटाउन में इंग्लैंड के खिलाफ 333 रन बनाने के बाद जीत हासिल की थी. यह टेस्ट इतिहास का पहला मौका भी था जब किसी टीम ने ट्रिपल नेल्सन स्कोर किया था.

एमसीजी पर भारत की लगातार पांचवीं हार

टेस्ट क्रिकेट में सबसे पहले मैच का गवाह रहे मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर भारत हार का क्रम तोडऩे में फिर से नाकाम रहा. वह इस ऐतिहासिक मैदान पर लगातार पांच टेस्ट मैच गंवा चुका है.  एमसीजी पर आस्ट्रेलिया की भारतीय टीम पर 11 मैच में आठवीं और लगातार पांचवीं जीत है. भारत ने एमसीजी पर आखिरी मैच 1981 में जीता था. इसके बाद उसने 1985 का टेस्ट मैच ड्रा कराया लेकिन 1991 से उसे बाक्सिंग डे के हर मैच में हार झेलनी पड़ी. भारत को यहां 1991 में आठ विकेट से, 1999 में 180 रन से, 2003 में नौ विकेट से और 2007 में 337 रन से हार झेलनी पड़ी थी.

स्कोर बोर्ड

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