ठाणे, 12 फरवरी. शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने केंद्रीय मंत्री शरद पवार की जम कर आलोचना की. पवार ने शिवसेना पर 40,000 करोड़ रुपए का घोटाला करने का आरोप लगाया था. इसके जवाब में ठाकरे ने पवार को उनके साथ सम्पत्तियों की अदला-बदली करने की चुनौती दी.

उन्होंने यह भी मांग की की अदालतों में शपथ लेने के लिए धार्मिक पुस्तकों के इस्तेमाल पर बैन होना चाहिए. ठाकरे मुम्बई में 16 फरवरी को होने वाले निकाय चुनावों के मद्देनजर ठाणे में एक विशाल रैली को सम्बोधित कर रहे थे. ठाकरे ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार की जमकर आलोचना की. मैं अपनी सभी सम्पत्ति आपके नाम ट्रांसफर कर दूंगा. आप अपनी सम्पत्ति मेरे नाम कर दें. इसके बाद मेरे पास ज्यादा सम्पत्ति होगी. मैं आपको खुली चुनौती देता हूं. ठाकरे ने ऐसी चुनौती कांग्रेस नेता नारायण राणे को भी दी. ठाकरे ने ठाणे में हजारों की भीड़ को सम्बोधित करते हुए पार्टी को धर्मनिरपेक्ष बताया.

उन्होंने कहा मेरी पार्टी के कार्यकर्ताओं खासतौर पर महिलाओं ने 1992-93 के दंगों के समय कई मुस्लिम लोगों को बचाया था. मेरी पार्टी जाति, धर्म, क्षेत्र और वंश के आधार पर कभी भी पक्षपात नहीं करती. ठाकरे ने राज्य के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण पर निशाना साधा. चौहान ने कहा था कि बाल ठाकरे राज्य की राजनीति में अपनी महत्ता खो चुके हैं. शिवसेना प्रमुख ने कहा, अगर मेरा महत्व नहीं है तो मैं इतनी भीड़ कैसे इकट्ठी कर सकता हूं? क्या शरद पवार, अजित पवार और पृथ्वीराज इतनी भीड़ जमा कर सकते हैं? उन्होंने आशा जताई कि शिवसेना और बीजेपी-आरपीआई (अठावले) गठबंधन बीएमसी चुनावों में जीत हासिल करेगा. बाल ठाकरे ने कहा कि अदालतों में शपथ लेने के लिए धार्मिक किताबों के इस्तेमाल पर बैन कर दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके बदले बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान का प्रयोग किया जाए. रैली में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के नेता रामदास अठावले भी मौजूद थे.

Related Posts: