अपने ही रिकार्ड को तोड़ा दुनिया के सबसे तेज धावक ने

लंदन, 6 अगस्त. फर्राटा दौड़ के बेताज बादशाह जमैका के उसेन बोल्ट जितने दर्शक जुटा सकते हैं शायद दुनिया में कोई भी अन्य खिलाड़ी इतने दर्शकों को आकर्षित नहीं कर सकता और उन्होंने एक बार फिर ओलंपिक स्टेडियम में पुरुष 100 मी फाइनल में दर्शकों को अपनी शानदार उपलब्धि से हैरत में डाल दिया.

दुनिया के करीब दो अरब दर्शको ने ओलंपिक की इस चमकदार स्पर्धा का लुत्फ उठाया जिसमें इसे लेकर हाइप और ड्रामा भी उम्मीद के मुताबिक रहा क्योंकि सभी को दुनिया के सबसे तेज धावक को देखने का इंतजार था. बोल्ट ने दुनिया को दिखा दिया कि वह इस फर्राटा दौड़ के बेताज बादशाह हैं. ऐसा सिर्फ 9.63 सेकेंड के शानदार समय से जीत दर्ज करने से नहीं हुआ बल्कि उन्होंने चार साल पहले बीजिंग ओलंपिक में 9.69 सेकेंड के अपने ओलंपिक रिकार्ड में सुधार किया. उनके युवा हमवतन योहान ब्लेक ओलंपिक से पहले उन्हें दो बार हरा चुके थे और उन्हें उनका सबसे कड़ा प्रतिद्वंद्वी समझा जा रहा था. उन्होंने 9.75 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय से रजत पदक प्राप्त किया जबकि अमेरिका के जस्टिन गैटलिन को 9.79 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय से कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा.

जमैका में जश्न, प्रधानमंत्री ने दी बोल्ट को बधाई

लंदन, 6 अगस्त. ब्रिटेन से आजादी की 50वीं सालगिरह के ठीक एक दिन पहले लंदन ओलंपिक की 100 मी फर्राटा दौड़ में विश्व रिकार्डधारी धावक यूसैन बोल्ट की ओलंपिक रिकार्ड के साथ धमाकेदार जीत ने पूरे जमैका में खुशी की लहर दौड़ा दी है. देश के प्रधानमंत्री ने भी बोल्ट को इस सफलता के लिए बधाई दी है.

बोल्ट की रेस के प्रति देश में दीवानगी का आलम यह था कि कई जगहों पर खुले मैदानों में बड़ी स्क्रीन पर इसका सीधा प्रसारण किया गया और हजारों लोगों ने तेज हवाओं तथा भारी बारिश के बीच मैदानों में खड़े होकर रेस देखी. एक दर्शक ने कहा हमें पता था कि बोल्ट जीतेंगे. वह मौकों पर जरूर सफल होते हैं. वह हमारे सच्चे हीरो हैं. जमैका की प्रधानमंत्री पोर्शिया सिम्पसन ने कहा मैं बोल्ट को नया ओलंपिक रिकार्ड स्थापित करने के लिए बधाई देती हूं. यह वास्तव में चमत्कारी प्रदर्शन है. फर्राटा की 100 मी स्पर्धाओं में छह में चार पदक हमारे एथलीटों ने जीते. एक बार फिर हमने साबित किया कि जमैका महज एक नाम नहीं है बल्कि यह हमारे लोगों के लिए गर्व का विषय है. सिम्पसन ने कहा पहले पूरा देश हमारी महिला एथलीट की सफलता के लिए राष्ट्रीय ध्वज के आरोहण और राष्ट्रीय धुन के वादन के सम्मान में खड़ा हुआ और फिर पूरी दुनिया ने जमैका के तीन पुरुष एथलीटों को रोमांचकारी प्रदर्शन दिल थामकर देखा. जमैका की शैली एन पीयर्स ने महिलाओं की 100 मी फर्राटा का स्वर्ण जीता था. इसी रेस में वेरोनिका कैंपबेल ब्राउन ने कांस्य जीता जबकि पुरुषों में योहान ब्लेक ने बोल्ट से 0.12 सेकेंड पीछे रहकर रजत जीता.

राजधानी किंग्सटन में बोल्ट की रेस के सीधे प्रसारण के लिए कई स्थानों पर सार्वजनिक प्रबंध किये गये थे. तूफानी हवाओं और बारिश से पेड़ों के गिरने के बावजूद दर्शक मैदान में डटे हुए थे और उनकी बड़ी संख्या को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. जब पुलिस ने भीड़ बढऩे के कारण कुछ लोगों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने कहा आप टिकट भलें लागू कर दें लेकिन हम तो बोल्ट की बड़ी स्क्रीन पर देखेंगे ही. इस माह अपना 26वां जन्मदिन मनाने वाले बोल्ट जमैका की दूसरी सबसे लोकप्रिय हस्ती हैं. उनके ट्ïिवटर पर सात लाख से ज्यादा फालोवर हैं. बीजिंग ओलंपिक में उनके तिहरे स्वर्ण और विश्व रिकार्डों ने एथलेटिक्स जगत में सनसनी मचा दी थी. देश के पर्यटन विकास बोर्ड ने उन्हें अपना ब्रांडदूत बनाया हुआ है.

फाइनल में पहुंचे विकास गौड़ा

भारत के विकास गौड़ा लंदन ओलंपिक की चक्का फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गए हैं. गौड़ा ने आयोजित क्वालीफिकेशन दौर के दूसरे प्रयास में 65.20 मीटर चक्का फेंककर इस दौर के पूरा होने से पहले ही फाइनल में जगह पक्की की. गौड़ा ने पहले प्रयास में 63.56 मीटर चक्का फेंका था. पहले ही प्रयास में जोरदार प्रदर्शन करने वाले गौड़ा ने दूसरे प्रयास में स्वत: क्वालीफिकेशन की बाधा पार कर ली. इस स्पर्धा में 65 मीटर से अधिक दूरी नापने वाले एथलीटों को फाइनल में हिस्सा लेने के लिए स्वत: योग्यता मिल जाती है.

गगन और संजीव ने किया निराश

लंदन ओलंपिक में भारत को पहला पदक दिलाने वाले राइफल निशानेबाज गगन नारंग और एक अन्य भारतीय संजीव राजपूत निशानेबाजी प्रतियोगिता के अंतिम दिन 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्द्धा में निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए.  नारंग 1200 में से 1164 अंक ही हासिल कर पाए और 20वें स्थान पर रहकर फाइनल की होड़ से बाहर हो गए. संजीव 1161 अंकों के साथ 26वें स्थान पर रहे. इटली के निकोलो केम्प्रियानी ने 1180 अंकों के साथ नया ओलंपिक रिकार्ड बनाते हुए फाइनल में जगह बनायी. शीर्ष आठ निशानेबाजों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया जिनमें अंतिम निशानेबाज का स्कोर 1168 था.  नारंग ने ओलंपिक में कुल तीन स्पर्द्धाओं में हिस्सा लिया था जिनमें से दस मीटर एयर राइफल में उन्होंने कांस्य जीता था. लेकिन 50 मीटर राइफल प्रोन और अब 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्द्धाओं में वह फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए.

नारंग ने हालांकि प्रोन में 398 अंक जुटाकर शानदार शुरआत की लेकिन स्टैंडिंग में वह 377 अंक ही जुटा सके जबकि नीलिंग में उन्होंने 389 अंक बनाए. गगन ने प्रोन में चार सीरीज में 100, 99, 100 और 99 के स्कोर किए. प्रोन में वह 398 अंकों के साथ संयुक्त शीर्ष पर थे और भारत के लिए पदक उम्मीद जगा रहे थे. लेकिन स्टेंडिंग में वह अपनी लय खो बैठे और उन्होंने 97, 90, 96 और 94 के निराशाजनक स्कोर किए. भारतीय निशानेबाज ने फिर नीलिंग में 97, 97, 98 और 97 के स्कोर किए और चार अंकों से क्वालीफाई करने से चूक गए.

संजीव ने प्रोन की चार सीरीज में 98, 98, 99 और 100 सहित कुल 395 अंक बनाए. लेकिन नारंग की तरह वह भी स्टेंडिंग में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और उन्होंने 96, 95, 91 और 96 सहित कुल 378 अंक बनाए. संजीव ने नीलिंग में 98, 96, 97 और 97 सहित कुल 388 अंक बनाए.

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