एकता कपूर की मिलन लूथरिया द्वारा निर्देशित विद्या बालन अभिनीत ‘द डर्टी पिक्चर के टीजर और प्रचार सामग्री ने इंटरनेट पर हंगामा बरपा दिया है. दक्षिण भारत की साहसी सिल्क स्मिता ने आठवें दशक में अपने आइटम से धूम मचा दी थी. फिल्मों में प्रस्तुत सेक्सी छवि के कारण उनका जीवन भी असामान्य हो गया था और अफवाहों तथा अपनी तन्हाई से तंग आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली थी.

मर्लिन मुनरो के बारे में भी अफवाहें थीं और वे रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं, जिस घटना पर आज तक किताबें लिखी जा रहीं हैं और लोकप्रिय धारणा यह है कि उन्हें कत्ल किया गया था. मुनरो के अंतरंग संबंध जॉन एफ. कैनेडी और उनके छोटे भाई रॉबर्ट से बताए जाते हैं और तथाकथित तौर पर यही उसकी हत्या का कारण भी है. इस तरह के प्रकरणों में अफवाहों के अंधड़ में सत्य को खोजना हमेशा कठिन होता है.

मनोरंजन उद्योग में छवियां गढ़ी जाती हैं और यह छवियों और छायाओं का मायावी संसार है. दर्शक में जुनून पैदा करने के लिए प्रचार के हथकंडे रचे जाते हैं और बॉक्स ऑफिस पर दर्शक का जुनून ही धन बरसाता है. सितारे काम और प्रचार से लोकप्रियता अर्जित करके शक्तिशाली हो जाते हैं, परंतु वे अपने ही बनाए पिंजड़े में कैद भी होजाते हैं.

सेक्सी छवियों के कारण अनेक हादसे हुए हैं और ब्रिजिता बारडोट तक ने आत्महत्या का विफल प्रयास किया, जिस पर साहित्यकार सिमॉनद बोउवा ने एक लंबा लेख लिखा, जिसका सार यह था कि जब एक मध्यमवर्गीय कन्या सजने-संवरने के तमाम बुजरुआ साधनों को नकारकर अपनी युवा देह को अनावृत्त करती है तो लंपट पुरुष समाज घबरा जाता है और यक-ब-यक उसे अपनी कमतरी का एहसास भयावह लगता है.यह स्वीकार करने में उसे कष्ट होता है कि प्रकृति की बुनावट कुछ ऐसी है कि अंतरंग संबंधों में नारी शक्तिशाली होती है और अपनी कमतरी को छुपाने के लिए वह भांति-भांति के मुखौटे खोजता है, षड्यंत्र रचता है.अफवाहों के अंधड़ इसी षड्यंत्र का हिस्सा हैं.

1996-97 के आसपास फेयरफैक्स नामक संस्था की गुप्त रिपोर्ट के आधार पर एक अखबार ने 41 दिनों तक लगातार लिखकर राजीव गांधीकी छवि ध्वस्त की थी, परंतु बाद के शोध ने इस संस्था को ही आधारहीन सिद्ध किया था. क्या आज का विकीलीक्स उसी का नया अवतार है?

बहरहाल मिलन लूथरिया की ‘द डर्टी पिक्चर सिल्क स्मिता के जीवन पर कितनी आधारित है और उसमें कितनी कल्पना है, यह बताना कठिन है और सच तो यह है कि उसका सत्य-असत्य से ज्यादा जरूरी है मनोरंजक होना. यह भी संभव है कि सिल्क का नाम लेते हुए दरअसल यह फिल्म हेनरी डेंकर के ‘द डायरेक्टर नामक उपन्यास से प्रेरित हो सकती है, जिसमें एक साहसी नायिका का प्रेम एक बुढ़ाते सुपर सितारे के साथ होता है, जबकि फिल्म के भीतर फिल्म का लेखक निर्देशक भी उस पर न्योछावर है और फिल्म के भीतर फिल्म का युवा नायक भी उसेचाहता है.

मिलन लूथरिया की फिल्म में बुढ़ाते सुपर सितारे की भूमिका नसीरुद्दीन शाह कर रहे हैं. युवा नायक इमरान हाशमी हैं और निर्देशक तुषार कपूर हैं, जिन्हें उनके आठवें दशक में लोकप्रिय पिता जीतेंद्र का लुक दिया गया है. विद्या बालन नए सेक्सी अवतार में हैं.

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