राज्य में इस साल शीत ऋतु आने की रफ्तार काफी सुस्त रही. दिसम्बर तक जितनी तेज सर्दी हो जाती है वह नहीं हुई लेकिन उत्तर भारत में हिमपात हो जाने से अब ठंडी हवाएं आना प्रारंभ हो गई हैं. राज्य के उत्तरी जिलों भिंड, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, टीकमगढ़ में शीतलहर चल रही है. अब इनका क्षेत्र और ज्यादा इलाकों तक हो गया है. विंध्य क्षेत्र में खजुराहो, रीवा, नौगांव व दमोह में पारा 4 डिग्री सेलसियस हो गया है.

चेन्नई में आए तूफान का असर राज्य के मौसम पर भी पड़ेगा. इसमें हवा में नमी बढ़ जाएगी और ठंड में कुछ कमी आ जायेगी. बीच बीच में मौसम में उतार-चढ़ाव आने से मौसम बीमारी का भी बन रहा है. अस्पताल में सर्दी से उत्पन्न बीमारियों में भारी इजाफा हो गया है. खेतों में इस समय सिंचाई की भी जरूरत महसूस की जा रही है. खाद डालते समय उसे जमीन में मिलाने के लिए पानी जरूरी हो जाता है.

राज्य में अभी तक मावठ की बरसात नहीं आई है लेकिन उत्तरी सूखी ठंडी हवाओं से किसानों में यह डर बैठ रहा है कि कहीं पाला न पड़ जाए. स्वास्थ्य विभाग ने भी आम लोगों को सावधान किया है कि वे मौसम के उतार-चढ़ाव में विशेष सावधानी बरतें. मौसम में कुछ ही घंटों में आने वाले परिवर्तनों से वायरल बुखार के मामले बढ़ जाते हैं. उत्तरी जिलों में ठंड से कुछ मौतें भी हो चुकी हैं. राज्य में अधिकांश भागों में यह स्थिति निर्मित हो चुकी है कि दिन में अपेक्षाकृत गर्म रहता है लेकिन रात काफी ठंडी हो जाती है. बच्चों के स्कूल का समय भी 9 बजे तक किया जा रहा है. भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभागों में खेती के हिसाब से कड़ाके की ठंड का इंतजार है.

संस्थापक : स्व. रामगोपाल माहेश्वरी
प्रधान संपादक : श्री प्रफुल्ल माहेश्वरी

Related Posts: