अनुभवी अमला शुरू करेगा गतिविधियाँ

भोपाल,4 मई,राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) का प्रथम चरण शीघ्र आरंभ हो रहा है. राज्य के 10 जिलों के 40 विकासखण्ड में मिशन का प्रथम चरण शुरू होने जा रहा है.

इसके बाद प्रदेश के शेष सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से मिशन का क्रियान्वयन होगा. प्रथम चरण में जिन 10 जिलों में मिशन की शुरूआत होने जा रही है, उनमें धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, श्योपुर, मण्डला, डिण्डोरी, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट जिले शामिल हैं. इनमें से बालाघाट के 2 विकासखण्डों को प्रथम चरण में शामिल किया गया है. इन 10 जिलों में से बालाघाट को छोड़कर शेष 9 जिलों में अब तक ब्रिटिश सरकार के अंतर्राष्ट्रीय विकास विभाग (डीएफआईडी) के वित्तीय सहयोग से ग्रामीण आजीविका परियोजना संचालित हो रही थी. यह परियोजना इसी वर्ष विगत 31 मार्च, 2012 को समाप्त हो चुकी है. परियोजना के क्रियान्वयन संबंधी अनुभवों और सफलताओं का लाभ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के क्रियान्वयन में मिल सके, इस मक़सद से ग्रामीण आजीविका परियोजना के दक्ष और अनुभवी अमले को एनआरएलएम से जोड़ा जा रहा है.

एनआरएलएम के सुचारु क्रियान्वयन के लिये संविदा पर लिये जा रहे अमले की भर्ती के लिये चयन की पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई है. इस उद्देश्य से तीन सदस्यीय चयन समिति ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत सिर्फ योग्य और अनुभवी अमले का चयन किया है. चयन तथा नियुक्ति में आरक्षण नियमों का भी पूर्णत: पालन किया गया है. शीघ्र ही व्यापम के माध्यम से विभिन्न विशेषज्ञ पदों और मैदानी अमले की संविदा नियुक्ति के लिये चयन प्रक्रिया शुरू की जा रही है. इससे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विभिन्न गतिविधियों को और बेहतर रूप से संचालित करने में आसानी होगी.

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