भोपाल, 19 अगस्त. सोशल साइटस पर धार्मिक  भावनाओं और अफवाह फैलाने वालों पर कठोर कार्यवाही करनें हेतु केन्द्र सरकार को इसी सत्र में एक सख्त कानून बनाना चाहिये. यह मांग भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और विधायक विश्वास सारंग ने की है.

उन्होंनें कहा कि इस प्रकार के कठोर कानून बनाने के लिये वे बजट सत्र में एक अशासकीय संकल्प भी लेकर आये थे. तो सर्वसहमति से पास हुआ था, और अब वह प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है. विश्वास सारंग ने कहा कि गूगल, फेसबुक और 19 अन्य सोशल नेटवर्किंग साइटस पर विभिन्न वर्गों और धर्मो के बीच वैमनस्य बढ़ानें तथा उनकी भावनाओं को ठेस पहुचानें वाली सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में डली हुई है. इन सोशल नेटवर्किंग साईट पर डली विभिन्न सामग्री विभिन्न वर्गों के बीच वैर बढ़ानें का कार्य कर रही है. उन्होंने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारत में अशांति फैलाने का विदेशियों का भी कोई षडयंत्र हो सकता है और उसी षणयंत्र के तहत धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुचानें वाली सामग्री डाली गयी हो. विश्वास सारंग ने कहा कि भारतीय साइबर कानूनों में वर्तमान में अभी इस तरह के प्रावधान नही है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुचानें वाली अश्लील सामग्री को प्रतिबंधित किया जा सके.

समूचे विश्व का साइबर लॉ भी इस स्थिति में नहीं है कि इन अश्लील और आपत्तिजनक वीडियो व सामग्री को नेट पर अपलोड करनें से रोक सके. सारंग ने कहा कि निसंदेह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 भारतीय नागरिकों को मौलिक अधिकार के तहत धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करता है. परंतु इसी अनुच्छेद के उपखंड 2 के तहत यह शासन को अधिकार देता है कि उचित परिस्थिति के मद्देनजर कानून बनाकर धार्मिक स्वतंत्रता पर अंकुश लगा कर सकता है. अत: विश्वास सारंग ने मांग की कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुचाने वालों और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ एक  अत्याधिक कड़ा कानून शीघ्र बनाना चाहिये.

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