नई दिल्ली. टीम अन्ना हजारे और सरकार के बीच शाम से ही सुलह कोशिशें तेज हो गई है. नार्थ ब्लाक में प्रवण मुखर्जी के साथ अरविंद केजरीवाल, किरन बेदी व अन्य लोगों के बीच वार्ता का दौर शुरू हो गया है. इसके पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ राहुल गांधी ने दो बार बैठकें की.

अन्ना हजारे को खत लिखकर अनशन तोडऩे की अपील की है. इसके अलावा सरकार ने गतिरोध को तोडऩे की पहल करते हुए बातचीत के लिए प्रणव मुखर्जी को नियुक्त किया है. ताजा घटनाक्रम की टीम अन्ना ने भी पुष्टि की है. इससे पहले नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में प्रभावी लोकपाल की मांग को लेकर आठ दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने मंगलवार को अपने समर्थकों से हिंसा से दूर रहने की अपील की. अन्ना ने कहा, मैदान में शराब पीकर लोगों के साथ गलत व्यवहार न करें. आप इस आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाएं. आप ऐसा कोई भी काम न करे जिससे सरकार को बोलने का मौका मिले. यह अहिंसात्मक आंदोलन है और इसी रास्ते से इसे आगे बढऩा चाहिए. अन्ना ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक है. साथ ही उन्होंने देशवासियों से एक बार फिर अपील की कि, मैं रहूं न रहूं, क्रांति की यह मशाल जलती रहनी चाहिए.

करीब 150 सांसदों के घर लोगों ने प्रदर्शन किया

अन्ना ने कहा कि देशभर में करीब 150 सांसदों के घर लोगों ने प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा, मैं लोगों से अपील करता हूं कि वह यहां बैठने की बजाए सांसदों के घरों का घेराव करें. उन्होंने कहा कि यह अहिंसात्मक आंदोलन का ही नतीजा है कि आज संसद शुरू हुई और दो मिनट के भीतर ही स्थगित हो गई. गौरतलब है कि अन्ना को 16 अगस्त को उस समय हिरासत में ले लिया गया था, जब वह अनशन के लिए जयप्रकाश नारायण पार्क जा रहे थे. बाद में उन्हें गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया गया था. जेल से छूटने के बाद वह रामलीला मैदान पहुंचे थे.

श्री श्री रविशंकर अन्ना की बात लेकर पहुंचे आडवाणी के द्वार

जनलोकपाल बिल के मुद्दे पर समाधान के लिए सक्रिय आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की. रविशंकर चाहते हैं कि विपक्ष संसद में सरकार पर जन लोकपाल के लिए दबाव बनाए, लेकिन भाजपा नेता ने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया. सरकार ने लोकपा बिल पर चर्चा करने के लिए बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है जिसमें विपक्ष यानिकि बीजेपी की मुख्य भूमिका है. सूत्रों के अनुसार टीम अन्ना के सदस्य अन्य राजग नेताओं के साथ भी चर्चा करने आना चाहते थे, लेकिन वहां पर मीडिया का जमावड़ा होने से वह नहीं आए. रविशंकर एवं टीम अन्ना के इंतजार में राजग की बैठक तीन घंटे लंबी चली.

राजग अपनी रणनीति को आज संसदीय दल के नेताओं की बैठक में अंतिम रूप देगा. राजग का इरादा संसद ठप करने का तो नहीं है, लेकिन वह मौजूदा हालात के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा. दरअसल राजग सांसदों में अन्ना के आंदोलन को लेकर जो समर्थन था वह अन्ना के सांसद घेराव आह्वान के बाद कुछ नाराजगी में बदलने लगा है. सांसदों ने इस बारे में अपने नेताओं से बात भी की है. पूरे देश में इस समय अन्ना हजारे के समर्थक अपने-अपने इलाके के सांसदों के घरों का घेराव कर रहे हैं. इसमें कांग्रेस के सांसदों के अलावा बीजेपी के भी सांसद भी शामिल हैं.

रामलीला मैदान में घटने लगी प्रदर्शनकारियों की भीड़

अन्ना हजारे के अनशन में वीकएंड पर जुटे लोगों की भारी भीड़ अब घटने लगी है. रामलीला मैदान पर आमरण अनशन पर बैठे अन्ना का साथ देने वाले लोगों की संख्या में मंगलवार को कमी आई. पिछले तीन दिन रामलीला मैदान पर सुबह से ही भारी भीड़ दिखने लगती थी, पर आज यहां का दृश्य कुछ बदला-बदला सा था. भीड़ के घटने का कारण वीकएंड और जन्माष्टमी की छुट्टियों के खत्म होने के साथ लोगों का वापस काम में लग जाना है. रामलीला मैदान में अन्ना की टीम के लिए काम कर रहे एक स्वंयसेवक ने कहा कि मंगलवार काम का दिन है ऐसे में लोगों की भीड़ कम होना स्वभाविक है. उसने बताया कि सुबह वहां करीब 6,000 लोग मौजूद थे. वीकएंड और जन्माष्टमी की छुट्टियों की वजह से रामलीला मैदान में भारी भीड़ जुटी थी. इन तीन दिनों में कई सारे परिवार और युवा यहां इकट्टा हुए जिसकी वजह से यहां मेले जैसा माहौल हो गया था.

भय्यू महाराज ने सरकारका प्रस्ताव रखा

अन्ना हजारे और सरकार के बीच पिछले तीन दिन से मध्यस्थता के प्रयास कर रहे आध्यात्मिक संत भय्यू महाराज ने सुबह बातचीत के लिए सरकार का 11 सूत्री फार्मूला हजारे को सौंपा. इससे पहले देर रात भी वह अपने सहयोगियों के साथ रामलीला मैदान पहुंचे थे. लेकिन हजारे के आराम करने के चलते उन्होंने सुबह यह प्रस्ताव सौंपने का फैसला किया. भय्यू महाराज के एक सहयोगी ने यह जानकारी दी.

बताया कि हम सुबह सरकार का 11 सूत्री फार्मूला अंग्रेजी के अलावा मराठी भाषा में भी हजारे को सौंप कर आए हैं. वह अभी इस पर विचार कर रहे हैं. इस बारे में हजारे पक्ष की राय बाद में पता चलेगी.

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