भोपाल, 1 दिसंबर, नभासं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यदि प्रदेश की जनता दु:खी होगी तो वे चैन से नहीं बैठेंगे. उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव में मंत्रियों पर लगे आरोपों से बचाव किया. चौहान ने एक प्रकरण का हवाला देते हुये कहा कि हम राष्ट्रीय ध्वज की शान के लिए प्राण दे सकते हैं, हम कैसे उसका अपमान करेंगे.

अपने रिश्तेदारों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के जवाब में चौहान ने कहा कि प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता मेरी रिश्तेदार है. जब वह दुखी रहेगी, मैं चैन से नहीं सो पाऊंगा. उन्होंने विपक्ष से सड़क सुधार के लिये सहयोग मांगा और कहा कि विपक्षी सदस्य हमारे साथ दिल्ली चलकर राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क म.प्र. सरकार को दिये जाने की मांग उठाये ताकि राज्य सरकार सड़कों को सुधार सके. बिजली की समस्या खत्म करने पर बल देते हुये कहा कि हम जनवरी-2013 से गांवों में 22 घंटे बिजली देंगे. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता और किसान हम पर विश्वास कर रहे हैं क्योंकि हम खेती को लाभ का धंधा बना रहे हैं. चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू, श्रीमती इंदिरा गांधी का उल्लेख करते हुये कहा कि सभी महापुरुषों की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल किया जायेगा. हम चाहते हैं कि भारतीय संस्कार शिक्षा में शामिल किये जायें. उन्होंने कहा कि जिन आदिवासियों की जमीन गलत तरीके से छीनी गई है, उन्हें वह जमीन वापस दिलाई जायेगी.

एक भी आरोप का जवाब नहीं आया : सिंह – मुख्यमंत्री चौहान के भाषण के पश्चात् नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि अविश्वास प्रस्ताव में लगे आरोपों के जवाब मुख्यमंत्री की ओर से नहीं आये. सिंह ने उन पर लगे सभी आरोपों का एक बार फिर से जवाब दिया. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री का जवाब ज्ञानवर्धक भाषण है, शिवराज सिंह चौहान तो आरोप ही नहीं समझ पाये. सिंह ने विश्वास दिलाया कि वे म.प्र. के विकास के मामले में राज्य सरकार के साथ हैं. उन्होंने मांग उठाई कि प्रदेश में अवैध उत्खनन की रिटायर जज से जांच कराई जाये. इसके पश्चात् अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में मत लिया गया, जो 63 के मुकाबले 149 मतों से गिर गया.

झलकियां

  •  मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान नेताप्रतिपक्ष के रहा आप जहां है वहीं रहें. इस टिप्पणीं में मंत्री गौर ने कहा कि वह जहां है वहीं रहेंगे. इस बात पर प्रतियुक्ति में मुख्यमंत्री ने कहा वह हमेशा ताजे रहते है.
  •  मुख्यमंत्री ने कहा सिद्घांत के कारण मैने परिवार तक छोड़ दिया था. और सालीनता मेरे स्वाभाव में है.
  •   मुख्यमंत्री ने सदन में स्वीकार किया मैं घोषणा वीर हूं, साथ ही मैं भेदभाव नहीं करता.
  •   मुख्यमंत्री ने कहा चर्चा के दौरान मंत्री नागेन्द्र सिंह पर आरोपों के तीर चले तो घायल हुए. लेकिन जब बोले तो…..
  •   मुख्यमंत्री ने सदस्य रमेश सिंह चतुर्वेदी की ओर इंगित करते हुए कहा कि सिंह कमियां निकालनें में महारथ है.
  •   मुख्यमंत्री ने कहा कि अकेली सरकार कभी निर्माण एवं विकास का कार्य नहीं कर सकती है. उन्होंने कोयले की कमी को पुरजोर उजागर भी किया है.
  •   सदन में सत्तापक्ष के सदस्यों द्वारा कई बार नारे लगाये गये. मध्यप्रदेश की शान है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह महान है.
  •   इन नारों के प्रति सदस्य रमेश सिंह ने विधान सभा अध्यक्ष रोहाणी का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यह परम्परा है.
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को संस्कार के अलावा संस्कृति से अवगत कराने के लिये नैतिक शिक्षा के तहत गीता, बाईबिल, और कुरान की अच्छी बातों के पाठ्यक्रम लागू रहेंगे.
  •   सदस्य पारस दादा ने मुख्यमंत्री से फीस कम करने का आग्रह किया.
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बच्चियों की शादी से लेकर आखिरी पंक्ति तक काम किया है, समान्य वर्ग के लोगों के लिये उत्थान योजना भी लाया हूं.
  • मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अपने दो घंटे 55 मिनिट के भाषण में कई बार अलग-अलग अंदाज में हाथ उठाते नजर आये एक बार भी पानी नही पिया.
  • मुख्यमंत्री ने भाषण के दौरान बीच में सदस्य रामलखन सिंह बहुजन समाज पार्टी के जमीन आवंटन की मांग उठा दी.
  • मुख्यमंत्री का लंबा भाषण होने के कारण लक्ष्मी देवी ने कहा काफी समय हो गया मेरा सिर दुखने लगा है.
  • मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की उदारता का बखान अपने भाषण के दौरान किया.
  • मुख्यमंत्री ने सदन में संकल्प लेते हुए कहा कि ट्रांसफर और पोस्टिंग किसी भी प्रकार गड़वरी नही होने देंगे.
  • मुख्यमंत्री ने सदन में विश्वास दिलाया कि भविष्य में माता बहनों और बेटियों पर अन्याय नहीं होनें देंगे.
  •   मुख्यमंत्री द्वारा डाकुओं का सफाया की बात करने पर सदस्य कल्पना पेरूलकर ने कहा यहां डाकू पैदा हो गये है.

 

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