भोपाल, 26 मई, नभासं. प्रदेश में गर्मी पूरे शबाब पर है और सूरज आग उगल रहा है. हालात ये हैं कि प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 40-45 तक पहुंच गया है. नौतपे के दूसरे दिन शनिवार को बुरहानपुर में सबसे ज्यादा 46.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया. राजधानी में पारा 45 डिग्री छूने को है.

इस सीजन का ये सबसे गर्म दिन था. गर्म हवा के थपेड़ों के चलते शाम तक तपन का
अहसास होता रहा. वहीं राजधानी भोपाल में भी गर्मी ने तीखे तेवर दिखाए. व्यस्ततम इलाकों में भी दोपहर के वक्त सन्नाटा पसरा रहा. जो लोग मजबूरी में बाहर निकले भी वो सिर से लेकर पांव तक खुद को ढंके हुए थे. मंदसौर व नीमच में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री,बड़वानी में 40.6 डिग्री, खरगोन में 21 डिग्री, खण्डवा में 41.2 डिग्री, देवास में 40.3 डिग्री, शाजापुर व उज्जैन में 40.4, रतलाम में 41. 3 डिग्री तथा धार, झाबुआ व आलीराजपुर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री रिकार्ड किया गया. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने की अभी कोई संभावना नहीं है.

ह्दय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में आ रही तेजी के कारण पिछले कुछ दिनों में दिल का दौरा पडऩे की घटनाए बढ़ गई हैं. आम तौर पर माना जाता है कि सर्दियों में दिल का दौरा पडऩे का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार न केवल कंपकपाने वाली ठंड बल्कि झुलसाने वाली गर्मी भी दिल का दौरा पडऩे के खतरे को बढ़ाती है. डॉक्टरों ने गर्मी के दिनों में बुर्जुगों को खास तौर पर सावधानी बरतने की सलाह दी है. डॉक्टरों का कहना है कि बुर्जुगों जब तक जरूरी न हो दिन के वक्त घर से बाहर न निकलें. उनके मुताबिक गर्म मौसम के अलावा दिन में लू की थपेड़े तबीयत बिगाडऩे में मुख्य भूमिका निभाते हैं. मुंह पर रुमाल आदि बांधने से भी उनके प्रभाव को पूर्णत: कम नहीं किया जा सकता.

  • 5 सालों में मई का तापमान वर्ष  अधिकतम  तापमान

2011    44 डिग्री
2010    46 डिग्री
2009    44.5 डिग्री
2008    42 डिग्री
2007    43 डिग्री

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