तीसरा एक दिवसीय मैच आज

अहमदाबाद, 4 दिसंबर. पहले दो मैचों में जीत के साथ 2-0 की बढ़त बनाने के बाद भारत सोमवार को मोटेरा के सरदार पटेल गुजरात स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले पांच मैचों की सीरीज के तीसरे वनडे में भी जीत के साथ लगातार दूसरी वनडे सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगा.

पहले दो मैचों में हालांकि भारत की राह आसान नहीं रही लेकिन टीम उस मैदान पर 3-0 की बढ़त के साथ सीरीज अपने नाम करने को तैयार है जहां इसी साल 24 मार्च को उसने लगातार तीन बार के गत चैंपियन आस्ट्रेलिया को 24 मार्च को हराने के बाद विश्व खिताब तक का सफर तय किया था. भारत खिलाड़ी अगर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करते हैं तो इंग्लैंड पर 5-0 की जीत के बाद सोमवार को भी उनका सीरीज जीतना लगभग तय है. वेस्टइंडीज को अगर भारत को सीरीज जीतने से रोकना है तो उसे अपनी क्षमता से बढ़कर प्रदर्शन करना होगा. वेस्टइंडीज ने हालांकि कटक में मेजबान टीम की एक विकेट और विशाखापट्टनम में पांच विकेट की जीत के दौरान वीरेंद्र सहवाग की अगुवाई वाली टीम को काफी परेशान किया था. भारत को पहले वनडे में 212 रन के लक्ष्य को हासिल करने में काफी परेशानी हुई.

अंत में वरुण आरोन और उमेश यादव की अंतिम जोड़ी ने 12 रन जोड़कर टीम को जीत दिलाई जबकि दूसरे वनडे में 170 रन पर नौ विकेट गंवाने के बावजूद डेरेन सैमी की टीम ने मेजबान टीम को 270 रन का लक्ष्य देने में सफलता पाई. दसवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए रवि रामपाल ने 66 गेंद में छह छक्कों और इतने ही चौकों की मदद से रिकार्ड नाबाद 86 रन की पारी खेली और केमार रोच (नाबाद 24) के साथ अंतिम विकेट के लिए नाबाद 99 रन की साझेदारी की. भारत ने इसके बाद 84 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच चौथे विकेट की 163 रन की साझेदारी की मदद से जीत हासिल की. पहले दो मैचों में हालांकि टीम के दो अनुभवी बल्लेबाज कप्तान वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर नाकाम रहे हैं जबकि सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभा रहे विकेटकीपर पार्थिव पटेल भी उपयोगी योगदान नहीं दे पाए. इंग्लैंड में हुई वनडे सीरीज में अपनी पहली ही गेंद में चोटिल होने बाद इस सीरीज के साथ वापसी करने वाले रोहित अच्छी फार्म में हैं जबकि दो अप्रैल को मुंबई में विश्व कप जीतने वाली महेंद्र सिंह धौनी की अगुवाई वाली टीम के सदस्य कोहली ने इस साल वनडे क्रिकेट में खूब रन बटोरे हैं.  दिल्ली का यह बल्लेबाज इस साल इंग्लैंड के जोनाथन ट्राट के बाद सबसे अधिक रन बनाने वाला बल्लेबाज है. उन्होंने 31 मैचों में चार शतक की मदद से 1258 रन बनाए हैं.

सचिन तेंदुलकर, नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह जैसे अनुभवी बल्लेबाजों की गैर मौजूदगी में मध्यक्रम का पूरा दारोमदार फिलहाल युवा रोहित और कोहली के कंधों पर है. टीम को हालांकि सहवाग और गंभीर के जल्द से जल्द फार्म में वापसी करने की उम्मीद होगी. एक अन्य युवा बल्लेबाज सुरेश रैना भी पहले दो मैचों में पांच और शून्य के स्कोर के साथ विफल रहे जिससे टीम इंडिया की मुश्किलें कुछ बढ़ी हैं. गेंदबाजी की बात करें तो कटक में वेस्टइंडीज पर अंकुश लगाने में सफल रहने के बाद टीम ने विशाखापट्टन में काफी रन लुटाए. वरुण आरोन और आर अश्विन ने तो क्रम से 66 और 74 रन खर्च कर डाले. इन दोनों को अब होने वाले वनडे में पिछले प्रदर्शन को भुलाकर वापसी करनी होगी जबकि टीम प्रबंधन के पास आरोन की जगह अभिमन्यु मिथुन को खिलाने का विकल्प भी होगा. टेस्ट मैचों में दमदार प्रदर्शन करने वाले उमेश यादव ने वनडे में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा है. उन्होंने पहले दो मैचों में किफायती गेंदबाजी करने के अलावा पांच विकेट हासिल किए हैं जबकि तेज गेंदबाज विनय कुमार और बाएं हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा भी बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में सफल रहे हैं. दूसरी तरफ वेस्टइंडीज के अधिकांश बल्लेबाज विफल रहे हैं. टीम का शीर्ष क्रम एकजुट होकर खेलने में विफल रहा है. सीनियर बल्लेबाज मार्लोन सैमुअल्स ने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए दो पारियों में केवल 14 रन जुटाए हैं जबकि कटक में 60 रन की पारी खेलने वाले डेरेन ब्रावो दूसरे वनडे में सस्ते में पवेलियन लौट गए. लेंडल सिमन्स ने दूसरे वनडे में 78 रन की पारी खेली लेकिन अन्य बल्लेबाज विफल रहे जिसके बाद रामपाल ने आतिशी पारी खेलकर टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया. कप्तान सैमी कटक में शून्य पर पवेलियन लौटे जबकि दूसरे वनडे में उन्होंने सिर्फ दो रन बनाए.

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