तीन से तेईस फरवरी के बीच मतदान का घमासान

नई दिल्ली, 23 दिसंबर. उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव पांच चरणों में 3 से 23 फरवरी के बीच कराने का कार्यक्रम चुनाव आयोग ने तय कर लिया है. यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की तारीखें नहीं बढ़ाए जाने के चलते आयोग को फरवरी के पहले सप्ताह से ही चुनाव का कार्यक्रम बनाना पड़ा है. सूत्रों के अनुसार, यूपी विधानसभा के चुनाव 3, 8, 13, 18 और 23 फरवरी को पांच चरणों में कराए जाएंगे. उत्तरप्रदेश समेत पांच सूबों के चुनाव कार्यक्रम का ऐलान चुनाव आयोग शुक्रवार को कर सकता है. सियासी तौर पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री मायावती चुनाव अप्रैल में चाह रही थीं.

बोर्ड परीक्षाओं को वजह बताया
इसके लिए उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं को वजह भी बताया था. उत्तरप्रदेश बोर्ड ने भी परीक्षाओं की तिथि एक मार्च घोषित कर मायावती की दलील को और पुख्ता कर दिया था. वहीं कांग्रेस भी राहुल गांधी की उत्तर प्रदेश में रैलियों से बने माहौल की रफ्तार के साथ बुनकरों को पैकेज देने से लेकर आज रात अल्पसंख्यकों को आरक्षण देने का सियासी फायदा उठाने में देर करने का जोखिम नहीं उठाना चाहती है. बुंदलेखंड पैकेज के कथित दुरुपयोग से लेकर मनरेगा और एनआरएचएम पर राज्य की मायावती सरकार की घेरेबंदी में जुटे राहुल गांधी की पकड़ का भी फायदा कांग्रेस जल्द उठाना चाहती है.

तैयारियों पर चर्चा के लिए मुलाकात आज
दो दिन पहले उत्तरप्रदेश राज्य चुनाव आयुक्त के साथ कुरैशी ने दिल्ली में बैठक भी की है. इसमें उनसे सूबे में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च में कराने की स्थिति में तैयारियों के बारे में पूछा था. इस पर राज्य चुनाव आयुक्त ने तैयारियां पूरी होने की बात कही.

आयोग बनाम यूपी सरकार
फरवरी-मार्च में ही चुनाव कराने पर अडिग मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एस.वाई. कुरैशी ने बोर्ड परीक्षा तारीखें आगे बढ़ाने को कहा था और जवाब का इंतजार निर्वाचन सदन में हो रहा था. सूत्रों के अनुसार, लखनऊ से सकारात्मक संकेत नहीं मिलने के बाद आयोग ने तीन से 23 फरवरी के बीच चुनाव का मन बना लिया.

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