निश्चित ही भारतीय जनता पार्टी की शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने ग्रामीण सड़कों में सीमेन्ट-कांक्रीट की सड़कें बनाने का निर्णय महाअभियान के रूप में महान काम कर रही है.
युगों-युगों से लेकर अभी तक गांव का अर्थ ही होता था  किसानों की बस्ती, कच्चे खपरैल व मिट्टी के मकान और ज्वार, बाजरा, कोदों, कुटकी मोटा अनाज का भोजन. घरों में तेल के दीये या लालटेन और निर्धन समाज का ठप्पा लगा ही रहता था. सड़कों का अर्थ केवल पगडंडी और कच्ची धूल उड़ाती सड़कें होती थीं. बरसात में कीचड़ का साम्राज्य और कई दिनों गांव से बाहर निकलना असंभव होता है.

लेकिन देश के प्रगति के सोपानों में इसमें काफी परिवर्तन आ चुका है. बिजली व सिंचाई की सुविधा से किसान सम्पन्न वर्ग में आ गया है. गांव के रहन-सहन में परिवर्तन भी हुए हैं. शिक्षा भी बढ़ी है. लेकिन इस प्रगति में एक सबसे बड़ी बाधा सड़कों व यातायात का अभाव है. न सिर्फ डॉक्टर बल्कि अधिकारी भी वहां दौरे करने से बचे रहते है. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना व मुख्यमंत्री ग्रामीण लिंक सड़क योजना से सड़कों से ही विकास वहां पहुंचेगा. लेकिन यह निर्णय बहुत ही बड़े परिवर्तन का द्योतक है कि अब प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में सीमेंट कांक्रीट की सड़कें बनेंगी. पंच परमेश्वर योजना व मनरेगा के संयोजन से गुणवत्ता पूर्ण उत्कृष्टï सड़कों का निर्माण होगा. इससे मनरेगा के तहत ग्रामीण रोजगार भी उपलब्ध होगा और पंचायतों को पूरा फंड व तकनीकी प्रशिक्षित कर्मचारी भी दिये गये है. नीति के तौर पर यह सुनिश्चित करना ही सबसे बड़ी सफलता होगी कि ऐसी पक्की सड़कों में गुणवत्ता बिलकुल सही है उसमें भ्रष्टïाचार से खराब या कम सामग्री न रहे. पानी निकासी की नालियां भी रहे और सड़कों का आधार भी मजबूत रखा जाए. गांवों में सीेमेंट कांक्रीट की सड़कों से विकास भी इतना ही मजबूत हो जायेगा.

संस्थापक : स्व. रामगोपाल माहेश्वरी
प्रधान संपादक : श्री प्रफुल्ल माहेश्वरी

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