उम्र विवाद : आर्मी चीफ ने वापस ली अर्जी

नयी दिल्ली, 10 फरवरी, नससे. बहुप्रतिक्षित सेना और सरकार के लिए सुप्रीम कोर्ट से आने वाला निर्णय पर विराम चिन्ह लग गया. खचाखच भरे अदालत के कक्ष में एक घंटे से अधिक समय तक चली सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने थलसेना प्रमुख से कुछ कड़े सवाल करते हुए पूछा कि उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग के रिकार्ड में अपनी जन्मतिथि में सुधार क्यों नहीं कराया जहां वह 10 मई, 1950 दर्ज की गई थी.

सेना प्रमुख जनरल वी के सिंह की उम्मीद के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने उनकी आयु के मुद्दे पर शुक्रवार को सरकार के फैसले को सही ठहराया. शीर्ष न्यायालय ने कहा कि वह 10 मई 1950 को उनकी जन्मतिथि स्वीकार करने संबंधी अपनी प्रतिबद्धता को अस्वीकार नहीं कर सकते. इसके चलते सेना प्रमुख को अपनी याचिका वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा. इससे पहले आज सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के उम्र विवाद पर सरकार ने शुक्रवार को अपना आदेश वापस ले लिया. गौरतलब है कि आदेश में जनरल की उम्र 10 मई 1950 मानी गई थी. जबकि जनरल का कहना है कि उनकी जन्मतिथि 10 मई 1951 है.

केंद्र सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने थलसेना अध्यक्ष जनरल वी के सिंह की जन्मतिथि 10 मई, 1950 के बजाय 10 मई, 1951 मानने की वैधानिक शिकायत को खारिज करने के 30 दिसंबर के अपने आदेश को वापस ले लिया है. सरकार का यह फैसला शीर्ष अदालत की इस टिप्पणी की पृष्ठभूमि में आया है कि केंद्र का 30 दिसंबर का आदेश दुर्भावना से ग्रस्त लगता है. हालांकि एटार्नी जनरल जीई वाहनवती ने स्पष्ट किया कि सरकार पिछले साल 21 जुलाई और 22 जुलाई को दिए गए अपने आदेशों पर कायम है जिसमें उम्र विवाद पर जनरल सिंह के अनुरोध को खारिज कर दिया गया था. जनरल सिंह का कहना है कि उनकी जन्मतिथि 10 मई, 1951 है वहीं रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि जन्मतिथि 10 मई, 1950 मानी जानी चाहिए.

फैसले का  स्वागत

उच्चतम न्यायालय के आदेश का रक्षा मंत्रालय ने स्वागत किया है. मंत्रालय ने कहा है कि यह मामला आखिरकार समाप्त हो गया. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सितांशु कार ने उच्चतम न्यायालय का फैसला आने के तत्काल बाद कहा कि हमें इस बात की प्रसन्नता है कि यह मामला आखिरकार सुलझ गया है  और विवाद समाप्त हो गया है.

प्रवक्ता ने कहा कि जनरल सिंह उस प्रतिबद्धता को अस्वीकार नहीं कर सकते जिसमें उन्होंने अपनी जन्मतिथि 10 मई 1950 मानी थी. जनरल सिंह ने रक्षा मंत्रालय की ओर से अपना वह अनुरोध अस्वीकार किये जाने के बाद सरकार को उच्चतम न्यायालय में घसीटा था जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी जन्मतिथि सेना के रिकार्ड में दर्ज 10 मई 1950 के स्थान पर 10 मई 1951 मानी जाए. उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वह जनरल सिंह की उस याचिका की सुनवायी करने के पक्ष में नहीं है जिसमें उन्होंने कहा है कि उनकी जन्मतिथि को 10 मई 1951 माना जाए. न्यायालय ने उन्हें याचिका को वापस लेने का विकल्प दिया. उच्चतम न्यायालय के इस फैसले के बाद जनरल सिंह ने अपनी याचिका वापस ले ली. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह की आयु से संबंधित विवाद पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया. मनमोहन ने यहां भारत-यूरोपीय संघ सम्मेलन में कहा कि यह एक ऐसा मामला है जो न्यायालय के सामने है और मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा.

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