भारत-आस्ट्रेलिया पहला टेस्ट मैच, सचिन का नहीं हो सका पूरा ख्वाब

मेलबर्न,27 दिसबंर. आस्ट्रेलिया के पहली पारी में 333 रनों के जवाब में टीम इंडिया ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक पहली पारी में तीन विकेट पर 214 रन बनाकर आस्ट्रेलियाई टीम को बैकफुट पर ढकेल दिया है. दूसरे दिन स्टंप्स के समय राहुल द्रविड़ 68 और नाइटवाचमैन ईशांत शर्मा बिना खाता खोले क्रीज पर मौजूद हैं.

इससे पहले जहीर खान (4/77) की अगुवाई में जोरदार गेंदबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों ने पहले टेस्ट के दूसरे दिन लंच से पूर्व आस्ट्रेलिया की पहली पारी को 333 रनों पर समेट दिया. आस्ट्रेलिया की पहली पारी में बने 333 रनों के जवाब में भारत अभी 119 रनों से पीछे है और उसके अभी सात विकेट शेष हैं. टी-ब्रेक पर जाने के समय राहुल द्रविड़ 25 और सचिन तेंदुलकर दो रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे. चाय के बाद द्रविड़ और तेंदुलकर ने मिलकर कंगारू गेंदबाजों की खबर ली और मैदान के चारों ओर रन बटोरे. खासकर तेंदुलकर अलग ही रंग में दिखे. क्रीज पर पहुंचते ही तेंदुलकर ने तेजी से रन बनाना शुरू किया. महाशतक की ओर आगे बढ़ते हुए तेंदुलकर ने 55 गेंदों पर छह चौके और एक छक्के की मदद से अर्धशतक पूरा किया. हालांकि मिस्टर भरोसेमंद और दीवार के नाम से मशहूर द्रविड़ एक छोर को संभालते हुए पारी को आगे बढ़ाया और 137 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से अपना अर्धशतक पूरा किया. पीटर सिडल के एक ओवर की आखिरी गेंद पर द्रविड़ क्लीन बोल्ड हुए लेकिन भाग्य द्रविड़ के पक्ष में था और रिप्ले में देखने पर पता चला कि वह नोबाल थी. जब लगने लगा की मेलबर्न में तेंदुलकर के महाशतक का इंतजार खत्म हो जाएगा तभी स्टंप्स से ठीक ओवर पहले सिडल ने तेंदुलकर को क्लीन बोल्ड करके भारत को बड़ा झटका दिया.

इससे पहले गंभीर के रूप में पहला विकेट 22 रन पर गंवाने के बाद भारत को सहवाग और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 75 रनों की साझेदारी कर शुरुआती झटके से उबारा. हालांकि अर्धशतकीय पारी खेलने वाले सहवाग टी-ब्रेक पर जाने से दो ओवर पूर्व जेम्स पैटिंसन की गेंद पर बोल्ड हो गए. उन्होंने अपनी पारी में 83 गेंदों में सात चौके जमाए. गंभीर और सहवाग ने भारतीय पारी की शुरुआत की. महज तीन ओवर खेलने के बाद ही लंच हो गया. इससे पूर्व जहीर ने च्बाक्िसग टेस्टज् के दूसरे दिन के दूसरे ही ओवर की अंतिम गेंद पर ब्रैड हैडिन (27) को आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिला दी. इसके थोड़ी देर बाद टिक कर खेल रहे पीटर सिडल (41) को भी पवेलियन लौटा दिया. हैडिन और पीटर सिडल ने सातवें विकेट के लिए 72 रनों की साझेदारी निभाई. सिडल के आउट होने के बाद पुछल्ले बल्लेबाजों ने जमकर बल्लेबाजी जारी रखा और स्कोर तीन सौ के पार पहुंचा दिया. जेम्स पैटिंसन 18 रन बनाकर अंत तक नाबाद रहे. जबकि बेन हिल्फेनहास (19) और नाथन लियोन (6) को आर अश्विन ने आउट किया. इससे पूर्व आस्ट्रेलिया ने पहले दिन की समाप्ति पर छह विकेट पर 277 रन पर बनाए थे. आस्ट्रेलिया का स्कोर तीसरे सत्र के पहले घंटे में ही छह विकेट पर 214 रन हो गया था .

लेकिन विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैड हैडिन और पीटर सिडल ने सातवें विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी टीम को तीन सौ के पार पहुंचाने का रास्ता साफ कर दिया. भारत की तरफ से जहीर के अलावा उमेश यादव और आर अश्विन ने तीन-तीन विकेट झटके. पहले दिन युवा तेज गेंदबाज उमेश यादव ने शीर्ष क्रम और चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले जहीर खान ने मध्यक्रम को झकझोर कर पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में भारत का पलड़ा भारी किया लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों के साहसिक प्रदर्शन से आस्ट्रेलिया शुरुआती दिन अपनी पहली पारी सिमटने से बचाने में सफल रहा. इन दोनों से पहले डेविड वार्नर (37), अपना पहला मैच खेल रहे सलामी बल्लेबाज एड कोवान (68) और खराब फार्म के कारण आलोचकों के निशाने पर रहे रिकी पोंटिंग (62) ही उल्लेखनीय योगदान दे पाए थे. पोंटिंग और कोवान की तस्मानियाई जोड़ी ने तीसरे विकेट के लिए 113 रन जोडे. यादव ने आस्ट्रेलिया के पहले तीन विकेट लिए. उन्होंने पहले दो सत्र में वार्नर, शान मार्श (0) और पोंटिंग को जबकि जहीर ने तीसरे सत्र के शुरू में कप्तान माइकल क्लार्क (31) और बुरे दौर में गुजर रहे माइकल हसी (0) को लगातार गेंद पर आउट किया. अश्विन ने कोवान की एकाग्रता भंग की.

आठ हजार के क्लब में शामिल हुए वीरू

मेलबर्न. विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने मंगलवार को आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में 20वां रन बनाते ही टेस्ट क्रिकेट में 8000 रन पूरे किए. वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के पांचवें और दुनिया के 23वें बल्लेबाज बने. 

सहवाग से पहले भारत की तरफ से सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण ही इस मुकाम तक पहुंचे हैं. इनमें से तेंदुलकर, द्रविड़ और लक्ष्मण भी इस मैच में खेल रहे हैं. अपना 93वां टेस्ट मैच खेल रहे सहवाग ने पीटर सिडल की गेंद डीप फाइन लेग पर खेलकर एक रन लेने के साथ ही यह उपलब्धि हासिल की. मेलबर्न टेस्ट मैच से पहले सहवाग ने 52 रन प्रति पारी से भी अधिक की औसत से रन बनाए जिनमें 22 शतक शामिल हैं. सहवाग का यह भारत की तरफ से 92वां टेस्ट मैच है. उन्होंने एक मैच आईसीसी विश्व एकादश की तरफ से खेला था जिसमें उन्होंने 83 रन बनाए थे. उन्होंने अपने टेस्ट करियर में सर्वाधिक रन आस्ट्रेलिया के खिलाफ ही बनाए हैं. वह इस टीम के खिलाफ अभी तक 1600 से अधिक रन बना चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ भी एक हजार से अधिक रन बनाए हैं.  भारतीय पिचों पर सहवाग का बल्ला खूब चला है. उन्होंने घरेलू सरजमीं पर 44 टेस्ट मैच में 58.19 की औसत से 4248 रन बनाए हैं जिसमें 12 शतक शामिल हैं. वह तीन कैलेंडर वर्ष 2004, 2008 और 2010 में 1000 से अधिक रन बनाने का कारनामा कर चुके हैं. सहवाग ने अपने करियर की शुरुआत मध्यक्रम के बल्लेबाज के रूप में की लेकिन बाद में वह सलामी बल्लेबाज बन गए. वह केवल दस पारियों में ही मध्यक्रम में खेल पाए हैं. सहवाग दुनिया के उन चार बल्लेबाजों में शामिल हैं जिन्होंने दो तिहरे शतक लगाए हैं. उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 2004 में मुल्तान में 309 और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2008 में चेन्नई में 319 रन बनाए थे.

हमें दोबारा पारी को संवारना होगा

स्पिनर आर अश्विन का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन अंतिम ओवर में आज सचिन तेंदुलकर का विकेट गंवाने से मुकाबला रोमांचक हो गया है और भारत को अपना पलड़ा भारी करने के लिए बुधवार को काफी अच्छी बल्लेबाजी करनी होगी. ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 333 रन पर समेटने के दौरान 81 रन देकर तीन विकेट चटकाने वाले अश्विन ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद कहा कि अंत में विकेट गंवाने के कारण दूसरी नई गेंद से पहले हमें दोबारा पारी को संभालना होगा. यह रोमांचक मुकाबला होगा और हमें बुधवार को काफी अच्छी बल्लेबाजी करनी होगी. उन्होंने कहा कि हम 100 से कुछ अधिक रन से पीछे हैं, हमें पता है कि कैसे राहुल (द्रविड़) और सचिन हमें आगे कर सकते थे. ऐसा नहीं हुआ, उम्मीद करते हैं कि कोई और ऐसा कर पाएगा, हमें पता है कि लक्ष्मण मौजूद है. उन्होंने कहा कि अगर सूरज निकलता है और विकेट और आसान हो जाता है तो हमें जितना ज्यादा संभव हो बल्लेबाजी करके ज्यादा से ज्यादा बढ़त लेने की जरूरत है. जहां तक इस मैच के नतीजे का सवाल है तो पहली पारी की स्थिति काफी अहम रहेगी. अश्विन ने इस बात से इंकार किया कि उनके पास ऐसी कोई रहस्यमयी गेंद है जिसे बल्लेबाज के लिए समझना मुश्किल होता है. उन्होंने कहा कि कोई रहस्यमयी गेंद नहीं है, मैं सिर्फ एक स्पिनर के रूप में विकास की कोशिश कर रहा हूं, दिन प्रतिदिन सुधार की कोशिश कर रहा हूं. मुझे अगर कुछ भी रोचक लगता है तो मैं उसे आजमाने की कोशिश करता हूं.

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