तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर किया अंधे कत्ल का पर्दाफाश

हत्या कराने की दी थी सुपारी

भोपाल, 30 अप्रैल, नभसं. कोहेफिजा थाना पुलिस ने 21 अप्रैल को सुरक्षा गार्ड की हत्या की गुत्थी को सुलझाने में आखिर सफलता हासिल कर ली, जिसमें मृतक की पत्नी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. उक्त आशय की जानकारी पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक अभय सिंह ने दी.

उन्होंने बताया कि गत 21 अप्रैल को दोपहर करबला स्थित बड़े तालाब में एक अज्ञात व्यक्ति के शव तैरने की सूचना पुलिस को मिली थी. उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में मर्ग कायम कर पुलिस ने गहनता से छानबीन शुरू कर दी थी. जांच उपरांत शव की शिनाख्त राहुल राय (40) पिता हरिनारायण ग्राम प्रतापगढ़ जिला रायसेन वर्तमन पता 26, अग्रवाल भवन पीरगेट निवासी के रूप में हुई. उन्होंने बताया कि मृतक के शरीर पर धारदार हथियार के घाव दिखाई दिये. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रक्ररण दर्ज कर अनुसंधान में लिया.

पुलिस ने संदेह के आधर पर मृतक की पत्नी रेखा राय एवं उसके दोस्त को घेरे में लेकर पूछताछ की, जिसमें रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद होने की बात सामने आई. पुलिस ने मकान मालिक शकील खान व अन्य से भी पूछताछ की. सख्ती से पूछताछ के बाद मृतक के दोस्त अटल ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया. इसमें पत्नी रेखा राय ने भी पूरा सहयोग किया. अटल ने बताया कि मृतक राहुल राय का विवाह 16 बरस पूर्व रेखा से हुआ था, जिसमें उसकी दो संतान है. बालक की उम्र 14 तथा बालिका की उम्र 12 साल की है. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों में तनाव की स्थिति के चलते रेखा ने अपने पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. इसमें अटल राम एवं सुरेंद्र विश्वकर्मा को यह जिम्मेदारी सौंपी. आरोपी ने 10 हजार रुपये देने की बात भी स्वीकार की.

घटना से एक दिन पूर्व यानी 20 अप्रैल को राहुल की पत्नी रेखा ने शराब मंगाकर मृतक राहुल, अटल, सुरेंद्र तीनों ने शराब पी. मृतक कीे पत्नी ने रात्रि करीब 12 बजे तीनों को अपने ही घर पर खाना खिलाया. इतना ही नहीं मृतक की पत्नी ने सुरेंद्र को एक छुरा दिया. फिर तीनों राहुल की मोटर साइकिल से करबला पहुंचे. षडयंत्र के मुताबिक दोनों ने राहुल को नाव लेने भेजा उसी समय मौके का फायदा उठाकर सुरेंद्र एवं अटल ने उसे पानी में ही दबोच लिया और एक के बाद एक उसके ऊपर छुरे से वार कर हत्या कर दी. इधर वादे के अनुसार मृतक की पत्नी रेखा ने एटीएम से 6 हजार रुपये निकाल सुरेंद्र को दिये. आरोपी सुरेंद्र को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की तो तीनों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया. इस तरह से उक्त अंधे कत्ल का पर्दाफाश 8 दिन के भीतर पुलिस अधीक्षक अभयसिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मिश्रा एवं सीएसपी आशीष खरे के निर्देश पर थाना प्रभारी के.एस. भदौरिया, उप नि. मनोज राजपूत, स.नि डी.एस. चौहान, एम.आर. उइके, प्रधान आरक्षक मुकेश, आ. अनुराग, राजेश प्रताप ङ्क्षसह, महिला आरक्षक सलमा, विपदा और थाना कोहेफिजा स्टाफ ने किया.

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