वाशिंगटन, 19 मई. म्यांमार में विपक्ष की नेता नेता आंग सान सू की अगले महीने ब्रिटेन की यात्रा पर जाएंगी और वहां की संसद के दोनों सदनों को संबोधित करेंगी.

ब्रिटिश अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी. सू की की 24 वर्षो में यह पहली विदेश यात्रा होगी. म्यांमार की सैन्य सरकार ने लंबे समय तक नजरबंद रखने के बाद नवंबर, 2010 में सू की को रिहा कर दिया था. अमेरिका में एक सम्मेलन में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के साथ आए अधिकारियों ने बताया कि नोबेल पुरस्कार विजेता सू की ने कैमरन का ब्रिटेन आने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है. 66 वर्षीय सू की की एक सप्ताह की ब्रिटेन यात्रा 18 जून को प्रारंभ होगी. 1988 के बाद उनकी यह पहली विदेश यात्रा होगी.

यह पहली बार है जब ब्रिटिश सरकार ने उनकी यात्रा की पुष्टि की है. सू की ब्रिटेन में संसद के दोनों सदनों को संबोधित करेंगी. इससे पहले यह सम्मान दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को मिल चुका है. अपनी यात्रा के दौरान सू की के ब्रिटेन के शहर ऑक्सफोर्ड जाने की भी संभावना है, जहां रहकर उन्होंने पिछली सदी के आठवें दशक में पढ़ाई की थी. सू की की मां भारत में तत्कालीन बर्मा [अब म्यांमार] की राजदूत थीं. बर्मा की स्वतंत्रता के नायक जनरल आंग सान की बेटी सू की 1988 में अपनी बीमार मां को देखने बर्मा लौटी थीं. उसी साल हुए एक जनविद्रोह के दौरान वह लोकतंत्र समर्थक नेता के तौर पर उभरीं. सैन्य शासकों ने 1989 में उन्हें हिरासत में लेकर उनके ही घर में नजरबंद कर दिया था. पिछले दो दशक में ज्यादातर समय उन्होंने नजरबंदी में ही बिताया.

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