नेपीडॉ (म्यांमार),29 मई. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और म्यांमार के राष्ट्रपति थीन सीन ने दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार के लिए बुनियादी सुविधाओं की स्थापना में तेजी लाने के लिए रेल, जहाजरानी और सड़क संपर्क बनाने के लिए 2016 की डेडलाइन तय की है.

खास बात यह है कि यह सड़क संपर्क थाइलैंड तक बढ़ाया जाएगा, जो म्यांमार के रास्ते होकर जाएगा. ऐसा हुआ तो 2016 तक भारत से थाइलैंड तक सड़क के रास्ते जाया जा सकेगा. म्यांमार के राष्ट्रपति थीन सीन से प्रधानमंत्री सिंह की मुलाकात के बाद विदेश सचिव रंजन मथाई ने यह घोषणा की कि 2016 तक दोनों देशों के बीच रेल, जहाजरानी और रोड कनेक्टिवटी स्थापित करने की कोशिश की जाएगी.

दोनों देशों के प्रतिनिधि मंडल की बातचीत से पहले प्रधानमंत्री सिंह ने राष्ट्रपति सीन से मुलाकात की और कहा कि भारत तामू-कलेवा फ्रेंडशिप रोड के 71 पुलों की मरम्मत का काम देखेगा. गौरतलब है कि भारत ने इस रोड को बनाने में म्यांमार की मदद की थी. अब भारत की योजना है कि इस रोड को यार्गी में भारत के मोरे से और थाइलैंड के मेसो से जोड़ा जाए.
मथाई ने कहा, दोनों नेताओं ने फैसला किया है कि 2016 तक भारत कलेवा-यार्गी मार्ग की मरम्मत कर उसे हाइवे स्तरीय बनाएगा, जबकि म्यांमार यार्गी-मोनीवा मार्ग को हाइवे जैसा बनाएगा.  उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने त्रिपक्षीय हाइवे बनाने के लिए जॉइंट टास्क फोर्स को फिर से बनाए जाने का भी स्वागत किया है. भारतीय अधिकारियों का मानना है कि यह हाइवे भारत और आसियान देशों के बीच एक पुल का काम करेगा.

गौरतलब है कि आसियान देशों में सिर्फ म्यांमार ही है जिसके साथ भारत की साझा सीमा है. इस वार्ता में दोनों नेताओं ने एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप बनाए जाने का भी फैसला किया है, जो दोनों देशों के बीच क्रॉस-बॉर्डर रेल संपर्क और सीधे जहाजरानी संपर्क बनाने के लिए तकनीकी और व्यावसायिक जरूरतों पर काम करेगा. यही नहीं, म्यांमार के देवाई बंदरगाह जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स के विकास के लिए भारतीय मदद की संभावनाओं पर भी विचार हुआ.

सू की से मिले मनमोहन, सोनिया का पत्र सौंपा

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को यहां लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू की से मुलाकात की. अधिकारियों ने कहा कि होटल सेडोना में दोनों नेताओं की मुलाकात 45 मिनट तक चली. प्रधानमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का पत्र सू की को सौंपा. पत्र में सू की को जवाहरलाल नेहरू स्मृति व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया गया है. सू की ने कहा कि वह इस निमंत्रण को स्वीकार करना चाहती हैं. मनमोहन सिंह तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर म्यांमार में  है.

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