लोकपाल आज आएगा संसद में, टकराव होना तय

नई दिल्ली, 21 दिसंबर,नससे. लोकपाल बिल पर अब सरकार और टीम अन्ना के बीच टक्कर पक्की है. कल अन्ना ने कैबिनेट में पास सरकार के लोकपाल पर हुंकार भरी थी , तो आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी ऐलान कर दिया कि वह मुकाबले के लिए तैयार हैं.

बुधवार सुबह हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में सोनिया गांधी ने कहा कि कैबिनेट द्वारा पास लोकपाल बिल बेहतर है. उन्होंने कहा कि बिल में कड़े प्रावधान किए गए हैं. सोनिया ने कहा की विपक्ष और टीम अन्ना को बिल को इसी रूप में स्वीकार करना चाहिए. सोनिया गांधी ने बिल का विरोध कर रही भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा.

शीतकालीन सत्र तीन दिन के लिए बढ़ाया
संसद के शीतकालीन सत्र को 27 से 29 दिसंबर तक बढ़ाने के संबंध में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आज मुख्य विपक्षी दल भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से विचार विमर्श किया. संसद परिसर में प्रणब से मिलने के बाद आडवाणी ने बताया, शीतकालीन सत्र 27 से 29 दिसंबर तक चलेगा और लोकपाल विधेयक कल लोकसभा में पेश किया जाएगा.

लोकपाल विधेयक का विरोध करेगी भाजपा
भाजपा ने बुधवार को कहा कि लोकपाल विधेयक को विपक्ष के विचारों को शामिल किए बगैर यदि संसद में पेश किया जाता है तो पार्टी इसका विरोध करेगी.  लोकपाल विधेयक को बुधवार शाम केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलने के कुछ ही देर बाद भाजपा ने विधेयक के कुछ प्रावधानों पर अपनी नाराजगी जाहिर की. पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार का लोकपाल विधेयक जनता के साथ एक बड़ा विश्वासघात है. भाजपा एक अप्रभावी लोकपाल का विरोध करेगी. लोग भ्रष्टाचार से तंग आ चुके हैं. एक प्रभावी और मजबूत लोकपाल समय की दरकार है. भाजपा ने लोकपाल के दायरे से सीबीआई को बाहर रखे जाने पर अपनी निराशा जाहिर कर दी है. जावड़ेकर ने कहा कि एक स्वतंत्र सीबीआई एक स्वतंत्र जांच और अभियोजन शाखा सुनिश्चित किया जाना चाहिए. सीबीआई अपनी पूरी विश्वसनीयता खो चुकी है. कांग्रेस ने उसका इस कदर इस्तेमाल और दुरुपयोग किया कि इसे अब कांग्रेस ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन कहा जाने लगा है. हालांकि उन्होंने कहा कि कल वह सरकार के विधेयक का मसौदा देखेंगे और यदि यह उनके रुख से अलग रहा तो संसद में इसका विरोध करेंगे. लोकपाल विधेयक को लेकर संसद के शीतकालीन सत्र के विस्तार के संबंध में बुधवार को सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बन गई और गुरुवार को लोकसभा में विधेयक को पेश करने की योजना बनाई गई है.

अन्ना का जवाब, अब सबक सिखाएंगे

सरकार के लोकपाल बिल से अन्ना हजारे बेहद खफा हैं. लोकपाल में सीबीआई समेत अपनी कई मांगों की अनदेखी पर अन्ना ने मंगलवार को अपने गुस्से का इजहार किया था, बुधवार को सोनिया के बयान ने उन्हें और भड़का दिया. सोनिया गांधी के लोकपाल को बेहतर बताने पर अन्ना ने कहा, अगर सीबीआई बाहर है तो लोकपाल कैसे मजबूत हो सकता है. यह सिस्टम भ्रष्टों को बताएगा. यदि सीबीआई लोकपाल के दायरे में होती, तो चिदंबरम जेल में होते. सीबीआई को लोकपाल से बाहर रखकर जनता के साथ धोखाधड़ी की जा रही है. जनता एक दिन सबक सिखाएगी. उन्होंने कहा कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में हम उनके खिलाफ प्रचार करेंगे. रिजल्ट देखने के बाद लोकसभा चुनावों में सरकार को सबक सिखाया जाएगा.   अन्ना ने कहा कि कमजोर सिटीजंस चार्टर बिल से साफ है कि सरकार लोकपाल बिल को लेकर ईमानदार नहीं है. अन्ना ने सिटीजंस चार्टर बिल को खारिज कर दिया और कहा कि सरकार ने लोगों के साथ धोखा किया है.

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