अंतर्राष्ट्रीय हर्बल मेला-2011 का समापन

भोपाल, 20 दिसंबर. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि आयुर्वेद अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिय राज्य सरकार हरसंभव प्रयास करेगी. उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सकों को रोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जायेगा. चौहान आज यहां अंतर्राष्ट्रीय हर्बल मेला-2011 के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद को बढ़ावा देने से वनौषधियों की खेती और संग्रहण से जुड़े वनवासियों की आर्थिक समृद्धि होगी. उन्होंने कहा कि लघु वनोपजों के संग्रहण से जुड़े वनवासियों को लाभ देने के लिये लघु वनोपजों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है. यह निर्णय लेने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है. उन्होंने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति गंभीर रोगों को समूल नष्ट करने में सक्षम है. इसे बढ़ावा देने के लिये सभी आवश्यक कदम उठाये जायेंगे. स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जड़ी-बूटियों के उपयोग के देशज ज्ञान को व्यापक रूप से प्रचारित करने की जरूरत है. उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वनौषधियों की खेती करने वालों और संग्राहकों का व्यापारिक संबंध आयुर्वेदिक दवा निर्माताओं से होना चाहिये. इससे दोनों पक्षों को आर्थिक लाभ होगा. लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष एवं विधायक विश्वास सारंग ने कहा कि जिला स्तर से शुरू हुये हर्बल मेले ने अब अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप ले लिया है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष संघ ने तेन्दूपत्ता का पाँच सौ करोड़ रूपये का व्यापार किया. इसके फलस्वरूप तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 250 करोड़ रूपये का बोनस वितरित किया जायेगा.

उन्होंने बताया कि हर्बल मेले में विक्रताओं और खरीददारों के बीच पाँच करोड़ रूपये मूल्य के व्यापारिक समझौतों पर हस्ताक्षर हुये. मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों ने लघु वनोपज संघ द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया. इस अवसर पर जड़ी-बूटियों की खेती के माध्यम से रोजगार की संभावनाओं को रेखांकित करने वाली  ओ.एस. राणा की किताब और ईको-पर्यटन बोर्ड द्वारा प्रकाशित ब्रोशर ”मध्यप्रदेश के वन्यप्राणी” का भी विमोचन किया गया. मुख्यमंत्री ने रेशम उत्पादन से जुड़े वनवासियों को हितलाभ वितरित किये. अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये गये. इस अवसर पर वन राज्य मंत्री जयसिंह मरावी, वन विकास निगम के अध्यक्ष गुरूप्रसाद शर्मा, विधायक  ध्रुवनारायण सिंह, अपर मुख्य सचिव वन स्वदीप सिंह एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. वन मेले के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं के लिये विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं. मुख्यमंत्री ने विजेताओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया. लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक पी.के. शुक्ला ने आभार व्यक्त किया.

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