नई दिल्ली, 17 फरवरी. मंत्री जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा कि महिलाएं शौचालय की जगह मोबाइल को प्राथमिकता दे रही हैं. उनकी इस टिप्पणी से विवाद खड़ा हो सकता है.रमेश की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश में एक आदिवासी महिला शादी के सिर्फ दो दिन बाद ससुराल में शौचालय नहीं होने की वजह से अपने पति को छोड़कर चली गई.

यह उल्लेख करते हुए कि स्वच्छता का मुद्दा देश में एक जटिल मुद्दा है,रमेश ने कहा कि भारत में जब 70 करोड़ मोबाइल हैं तब विडंबना यह है कि 60 प्रतिशत लोग खुले में शौच करते हैं. रमेश ने एशिया.प्रशांत सहस्राब्दि विकास लक्ष्य रिपोर्ट जारी करने के बाद कहा, ”स्वच्छता का मुद्दा काफी जटिल है. अब हम व्यावहारिक परिवर्तन की बात कर रहे हैं और महिलाएं मोबाइल फोन मांगती हैं. वे शौचालयों की मांग नहीं कर रहीं.” मंत्री ने कहा,”देश में 60 प्रतिशत लोग खुले में शौच करते हैं जहां 70 करोड़ मोबाइल फोन हैं.

हम शौचालय बनाते हैं लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं किया जाता.’ उन्होंने जल्द ही परिदृश्य में बदलाव का वादा किया और कहा,”जलापूर्ति तथा स्वच्छता के लिए व्यवस्था की दिशा में शीघ ही काम किया जाएगा. आगामी कुछ महीनों में हम इन क्षेत्रों में परिवर्तन के और अधिक प्रमाण देखेंगे.” मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में आदिवासी महिला अनिता की ससुराल में शौचालय के लिए जिद ने न सिर्फ उसके पति को अपने गांव झीतूधाना की पंचायत के समक्ष मुद्दा उठाने को विवश किया, बल्कि सुलभ इंटरनेशनल ने अपने ‘पूर्ण स्वच्छता अभियान’ के लिए अनिता के गांव को गोद भी ले लिया.

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