बेंगलुरु, 14 मई. कर्नाटक में भाजपा नीत सरकार में संकट और गहरा गया है. पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार शाम प्रेस कांफ्रेंस करके राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं.

उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा को राज्य में जारी गतिरोध और संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया है. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि वे पार्टी नहीं छोड़गे. येदियुरप्पा ने कहा कि राज्य में संकट के लिए सदानंद गौड़ा और अनंत कुमार जिम्मेदार हैं. सदानंद गौड़ा ने मेरे समर्थकों का अपमान किया. उन्होंने आज दावा किया कि मुझे 71 विधायकों का समर्थन हासिल है. इनमें से 52 विधायक पार्टी छोडऩे के लिए तैयार हैं. येदियुरप्पा ने कहा कि उनकी भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली से बात हुई है, अब पार्टी नहीं छोडऩे का फैसला किया है. उन्होंने इस बात पर जोर देकर कहा कि वे बीजेपी से इस्तीफा नहीं देंगे. उन्होंने एक सूची बनाई है, जिस पर भाजपा आलाकमान से बातचीत होगी. इस बीच, बीजेपी आलाकमान ने येदियुरप्पा से बात की है. येदियुरप्पा की करीबी शोभा करंदलाजे ने भी बीजेपी के नेताओं से बात की थी.

कर्नाटक सरकार पर संकट और गहराया

कर्नाटक में भाजपा नीत सरकार पर संकट और गहरा गया है. मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा ने आज विधायकों की आपात बैठक बुलाई थी. लेकिन इस बैठक में पार्टी के केवल 20 विधायक ही पहुंचे. विधायकों की इतनी कम संख्या में उपस्थिति ने सदानंद गौड़ा के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं. उधर, पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा कि मैं अंतिम फैसला अपने समर्थकों से चर्चा करने के बाद ही लूंगा. मेरे खिलाफ साजिश हुई है.

कर्नाटक में सत्तासीन भाजपा में सियासी संकट उस समय और गहराता नजर आया जब विद्रोही तेवर दिखा रहे बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि वह शाम तक अपने राजनीतिक भविष्य की बाबत फैसले का ऐलान करेंगे. येदियुरप्पा ने पत्रकारों से कहा कि मैं आज सांसदों, विधायकों और अपने समर्थकों से परामर्श लूंगा और शाम चार बजे तक अपने फैसले का ऐलान कर दूंगा. अब देखना यह होगा कि इन हालातों में पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व इस मसले का समाधान कैसे कर पाता है. गौरतलब है कि अवैध खनन के मामले में उच्चतम न्यायालय की ओर से सीबीआई जांच के आदेश के बाद पार्टी नेतृत्व की ओर से हो रही अपनी अनदेखी से येदियुरप्पा काफी नाराज हैं और अपने गुस्से का इजहार करते रहे हैं.

लिंगायत समुदाय से ताल्लुक रखने वाले येदियुरप्पा ने सिद्धगंगा मठ के दौरे के दौरान भाजपा महासचिव एचएन अनंतकुमार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के एस . ईश्वरप्पा, मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के नेता सतीश को आड़े हाथ लिया. येदियुरप्पा ने अनंत कुमार पर आरोप लगाया कि वह भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी को उनके बारे में दुर्भावनापूर्ण सूचनाएं देते रहते हैं. पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अनंत कुमार ने पहले कम से कम तीन दफा खदान मालिकों की मदद से मुझे मुख्यमंत्री पद से हटवाने की कोशिश की थी. लेकिन वे अपनी चाल में कामयाब नहीं हो सके.

डैमेज कंट्रोल की कोशिश में लगे ईश्वरप्पा ने आधा दर्जन से ज्यादा विधायकों और येदियुरप्पा समर्थक मंत्रियों के पद से इस्तीफे को स्वीकार करने से इंकार कर दिया . ईश्वरप्पा ने पत्रकारों को बताया कि इस बात में सचाई है कि करीब आधा दर्जन से अधिक विधायकों और मंत्रियों ने अपना इस्तीफा येदियुरप्पा को सौंपा था. बहरहाल, पार्टी न तो विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार करेगी और न ही किसी मंत्री को उनके पद से हटाएगी. इस बीच, येदियुरप्पा समर्थक विधायकों और मंत्रियों ने उनके रेस कोर्स स्थित आवास पर एक बैठक की जहां सलाह-मशविरे का दौर शुरू हुआ. येदियुरप्पा के करीबी सूत्रों ने दावा कि वह भाजपा छोडऩे के बारे में विचार कर रहे हैं. यदि पूर्व मुख्यमंत्री ने ऐसा किया तो दक्षिण भारत में पहली बार बनी और चार साल से चल रही भाजपा की सरकार को करारा झटका लग सकता है. येदियुरप्पा समर्थक आठ मंत्रियों ने पहले ही अपने नेता को अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं.

येदि की मांग खारिज

एक ताजा घटनाक्रम के तहत ऐसा कहा जा रहा है कि भाजपा आलाकमान ने येदियुरप्पा की इस मांग को खारिज कर दिया है कि कर्नाटक की सत्ता की बागडोर सदानंद गौड़ा से वापस ले ली जाए. येदियुरप्पा की दूत बन कर आलाकमान से बातचीत के लिए गईं उर्जा मंत्री शोभा करंदलाजे खाली हाथ वापस आ रही हैं. हालात पर काबू पाने के अंतिम प्रयास के रूप में ईश्वरप्पा ने कहा कि पूरी भाजपा येदियुरप्पा के साथ है. ईश्वरप्पा और येदियुरप्पा के बीच कल हुई बातचीत का कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था. कर्नाटक की 225 सदस्यीय विधानसभा भाजपा के सदस्यों की संख्या 120 है . येदियुरप्पा का दावा है कि उन्हें कम से कम नौ मंत्रियों और 45 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. ईश्वरप्पा ने यह भी कहा कि उन्होंने न तो मंत्रियों और न ही विधायकों का इस्तीफा स्वीकार किया.

उन्होंने कहा कि मैं इन विधायकों और मंत्रियों के संपर्क में रहा हूं और पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते मैं यकीनन कह सकता हूं कि वे पार्टी नहीं छोड़ेंगे. येदियुरप्पा की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तारीफ किए जाने और यह कहने कि कांग्रेस पार्टी संकट के समय अपने नेताओं के साथ खड़ा होती है, ईश्वरप्पा ने कहा कि संकट के समय भाजपा नेतृत्व ने कभी भी लाल कृष्ण आडवाणी, नरेंद्र मोदी, मदन लाल खुराना और उमा भारती का साथ नहीं छोड़ा था. उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व हमेशा येदियुरप्पा के साथ खड़ा रहा और उम्मीद जताई कि वह अवैध खनन के मामलों में बेदाग सामने आएंगे . ईश्वरप्पा ने यह भी कहा कि येदियुरप्पा की ओर से सोनिया गांधी और उनकी पार्टी की तारीफ का कारण वह समझ नहीं पाए. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि येदियुरप्पा सोनिया गांधी की तारीफ करने जैसे बयान दुख के कारण दे रहे हैं. येदियुरप्पा की ओर से पार्टी छोडऩे का सवाल ही नहीं है.

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